केरल की वाम सरकार ने इस वर्ष के बजट में पेट्रोल, डीजल और शराब पर सामाजिक सुरक्षा उपकर लगाने की घोषणा की है। ऐसे में ये चीजें आने वाले दिनों में महंगी हो सकती हैं। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए केरल का बजट वित्त मंत्री केएन बालगोपाल ने शुक्रवार को पेश किया जिसमें मूल्य वृद्धि से निपटने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान करने के साथ ही बुनियादी ढांचे और उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए कई पहलों की घोषणा की गई है।
अपने बजट भाषण में वित्तमंत्री ने कहा कि आईएमएफएल की 500 से 999 रुपये एमआरपी वाली हर बोतल पर 20 रुपये सामजिक सुरक्षा उपकर के रूप में वसूला जाएगा। 1000 से अधिक एमआरपी वाली बोतल पर 40 रुपये प्रति रुपये की दर से उपकर (Cess) वसूला जाएगा। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल पर भी प्रति लीटर दो रुपये की दर से सेस वसूला जाएगा।
राज्य के वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया, ‘‘कुल 2,000 करोड़ रुपये राज्य में मूल्य वृद्धि से निपटने के लिए रखे गए हैं।’’ बजट में 80 करोड़ रुपये का प्रावधान राज्य में गरीबी उन्मूलन के लिए किया गया है, वहीं 600 करोड़ रुपये रबड़ सब्सिडी के लिए रखे गए हैं।
बालगोपाल ने कहा कि अनुसंधान एवं विकास पर और जोर देने के लिए ‘अनुसंधान एवं विकास’ बजट अलग से लाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के घरेलू उत्पादन, रोजगार और निवेश अवसरों को बढ़ाने के लिए ‘केरल में निर्मित’ परियोजना पर और ध्यान दिया जाएगा।