नौकरी शुरू करते ही लोगों को रिटायरमेंट (सेवानिवृत्ति) की चिंता सताने लगती है। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, रिटायरमेंट की योजना बनाने के लिए समय कम बचता है। नौकरी के बाद खुशहाल जीवन जीने के लिए पर्याप्त वित्तीय सुरक्षा के लिहाज से बढ़ती महंगाई का ध्यान रखना पड़ता है और निवेश संबंधी सही फैसले लेने पड़ते हैं।
मासिक खर्च...रिटायरमेंट की योजना बनाते समय मासिक खर्चों का भी ध्यान रखना जरूरी है। दरअसल, रिटायरमेंट के बाद आपके पास आय का नियमित स्रोत खत्म हो जाता है। ऐसे में परिवार की नियमित जरूरतों और मासिक खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त वित्तीय कोष बनाना जरूरी है। मासिक खर्चों और नियमित जरूरतों के अलावा रिटायरमेंट के बाद अप्रत्याशित वित्तीय आपात स्थितियों के लिए भी पर्याप्त पूंजी रखना जरूरी है।
जीवन प्रत्याशा...कोई व्यक्ति कितने समय तक जीवित रहेगा, इसका सही अनुमान लगाने का कोई तरीका नहीं है। इसलिए पेंशन योजना खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि कौन सी रिटायरमेंट पेंशन योजना आपके बुढ़ापे के दिनों में आपकी सभी वित्तीय जरूरतें पूरी कर सकती है।
विभिन्न उत्पादों की तुलना करें
बाजार में अलग-अलग रिटायरमेंट योजनाएं उपलब्ध हैं। सबकी तुलना कर उन्हीं योजनाओं में निवेश करें, जो आपकी वित्तीय अपेक्षाओं पर खरा उतरें। आप जोखिम लेने की क्षमता और लक्ष्य के आधार पर इक्विटी, डेट और फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश कर सकते हैं। -विवेक जैन, इन्वेस्टमेंट प्रमुख, पॉलिसी बाजार