यात्रीगण कृपया ध्यान दें, रेलवे ने हावड़ा से कालका के बीच चलने वाली कालका मेल का 'नाम' बदल दिया है। रेलवे ने अपने एक प्रोजेक्ट के तहत इस ट्रेन में काफी बदलाव कर दिए हैं। 12311/12312 ट्रेन का नया नाम उत्कृष्ट कालका मेल कर दिया है।
यह हुआ बदलाव
रेलवे ने इस ट्रेन के कोच का अंदर व बाहर से लुक बदल दिया है। इसके साथ ही प्रत्येक कोच की आंतरिक डिजाइन व सुविधाओं को भी बढ़ा दिया है। बाहर से ट्रेन के सभी कोच हल्के पीले व मैरून रंग में रंगे गए हैं। अब यात्री चाहे शयनयान श्रेणी में यात्रा करें या फिर वातानुकूलित श्रेणी में, गो ग्रीन की अवधारणा पर तैयार किए गए कोच में वो सफर करेंगे।
शौचालयों का किया गया नवीनीकरण
इन कोच में सबसे जरूरी ध्यान शौचालयों में होने वाली बदबू को खत्म करने पर दिया गया है। इस ट्रेन में स्वच्छ रेल शौचालय लगाए गए हैं। शौचालयों में नल की जगह जेट लगाया है। इसके अलावा प्रत्येक शौचालय में कूड़ेदान भी रखे गए हैं। साथ ही कोच में एलईडी लाइट्स व मुख्य दरवाजे के पास अग्निशामक यंत्र भी लगाए गए हैं ताकि आग लगने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके।
एसी कोच में यात्रियों को मिलेगी यह सुविधाएं
ट्रेन को रायबरेली के मॉडर्न कोच फैक्ट्री में तैयार किया गया है। कोच में कूड़ेदान, बेहतर और आरामदायक सीटें, अच्छे कलर के पर्दे, ऊपर के बर्थ तक पहुंचने के लिए आरामदायक सीढ़ी, ट्रेन के अंदर से लेकर बाहर तक बेहतर और नए रंगों का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही पानी की बोतल के लिए बढ़िया होल्डर व दृष्टिबंधित यात्रियों के लिए ब्रेल लिपि में साइनेज दिया गया है।
पैंट्री कार में भी किया सुधार
इस ट्रेन के पैंट्री कार में भी सुधार किया गया है। अब लोगों को साफ सुथरे तरीके से पका हुआ खाना मिले, इसके लिए डिजाइन में बदलाव किया गया है। अब पैंट्री कार में कॉकरोच नहीं पनपेंगे। वहीं बर्तनों की साफ-सफाई के लिए भी अलग से स्थान दिया गया है।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आगे भारतीय रेल की ट्रेनों को इसी तरह से डिज़ाइन किया जाएगा ताकि वो पर्यावरण के साथ-साथ मुसाफिरों के लिए भी फ्रेंड्ली हो।