दुनिया की सबसे रईस महिलाओं में शुमार और अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस की पूर्व पत्नी मैकेंजी स्कॉट अपनी दरियादिली के लिए मशहूर रही हैं। लेकिन उनका एक हालिया दान अब अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर है। स्कॉट की ओर से दिए गए फंड का एक हिस्सा कथित तौर पर उन संगठनों तक पहुंचा है, जिन पर अमेरिका की ओर से घोषित आतंकवादी समूह हमास के साथ संबंध रखने और अमेरिका में इस्राइल विरोधी प्रदर्शन भड़काने के आरोप हैं। यह मामला तब गरमाया जब फॉर्च्यून की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि स्कॉट के 'यील्ड गिविंग' फाउंडेशन ने 'सॉलिडेयर नेटवर्क' को करोड़ों डॉलर का दान दियाा। यह दान अब एफबीआई और अमेरिकी कांग्रेस की जांच के दायरे में है।
विवाद का कारण यह है कि सॉलिडेयर नेटवर्क ने इस पैसे का इस्तेमाल 'स्टूडेंट्स फॉर जस्टिस इन फिलिस्तीन' (SJP) और 'अमेरिकन मुस्लिम्स फॉर फिलिस्तीन' (AMP) जैसे समूहों को फंड करने में किया। ये वही समूह हैं जिन पर अमेरिकी हाउस और सीनेट की ओर से हमास के साथ समन्वय कर अमेरिका भर में इजरायल विरोधी प्रदर्शन आयोजित करने के आरोपों की जांच की जा रही है।
यह मामला केवल वित्तीय लेनदेन तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन गया है। मई 2024 में, हाउस कमेटी ऑन ओवरसाइट एंड अकाउंटेबिलिटी ने 'अमेरिकन मुस्लिम्स फॉर फिलिस्तीन' (AMP) के कार्यकारी निदेशक ओसामा अबुइरशैद को पत्र लिखकर चिंता जताई थी। पत्र में कहा गया था कि कॉलेज परिसरों में हमास के प्रचार को बढ़ावा देने वाले संगठन संभवतः आतंकी वित्तपोषण के स्रोतों से मदद ले रहे हैं।
इसके अलावा, सितंबर 2025 में अमेरिकी सीनेटर टॉम कॉटन ने एफबीआई से 'फिलिस्तीनी यूथ मूवमेंट' (PYM) की जांच करने का अनुरोध किया। यह कदम संगठन की नेता आयशा निजार के उस बयान के बाद उठाया गया, जिसमें उन्होंने समर्थकों से अमेरिकी F-35 फाइटर जेट की सप्लाई चेन को बाधित करने का आग्रह किया था। सीनेटर कॉटन ने इसे अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के खिलाफ हिंसा भड़काने वाला कृत्य करार दिया।
मैकेंजी स्कॉट, जिनकी कुल संपत्ति लगभग 40 अरब डॉलर है और जिन्होंने 2019 में जेफ बेजोस से तलाक के बाद अपनी अधिकांश संपत्ति दान करने का संकल्प लिया था, अक्सर "नो-स्ट्रिंग्स-अटैच्ड" (बिना किसी शर्त के) दान करती हैं,। इसका अर्थ है कि दान प्राप्त करने वाला संगठन उस पैसे का उपयोग अपने अनुसार कर सकता है।