जेपी समूह ने सोमवार को कहा कि समूह के सीमेंट कारोबार को डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड को 5,666 करोड़ रुपये के उद्यम मूल्य पर बेचने के लिए एक बाध्यकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस बाध्यकारी समझौते पर जयप्रकाश एसोसिएट्स और जयप्रकाश पावर वेंचर्स ने हस्ताक्षर किए हैं। जेपी समूह की कंपनियों ने एक विज्ञप्ति में कहा कि इस विनिवेश में 9.4 मिलियन टन की कुल क्षमता वाले सीमेंट प्लांट, 6.7 मिलियन टन की क्षमता वाली क्लिंकर संपत्ति और 280 मेगावाट क्षमता का थर्मल पावर प्लांट शामिल हैं।
डालमिया भारत को सीमेंट परिसंपत्तियों के विनिवेश से प्राप्त आय का मुख्य रूप से जयप्रकाश एसोसिएट्स के कर्ज को चुकाने के लिए उपयोग किया जाएगा। यह कर्ज से लदी जयप्रकाश एसोसिएट्स की संपत्ति की बिक्री का दूसरा सौदा है। इससे पहले कंपनी ने 2015 में डालमिया समूह को 2 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) की कुल क्षमता वाली सीमेंट इकाइयों में नियंत्रण हिस्सेदारी बेची थी। समूह अपने ऋणदाताओं की ओर से दिवालिया बोली को रोकने व ऋण को कम करने के लिए कई कदम उठा रहा है। फिर 2014 और 2017 के बीच जयप्रकाश एसोसिएट्स ने अल्ट्राटेक सीमेंट को 20 एमटीपीए क्षमता से अधिक की सीमेंट संपत्ति बेच दी।
जेपी समूह की जयप्रकाश एसोसिएट्स ने मध्य प्रदेश में अपनी नीलगिरि सीमेंट इकाई को बेचने का फैसला लेने के लिए सोमवार (12 दिसंबर 2022) को निदेशक मंडल की बैठक बुलाई थी। कंपनी के अधिग्रहण की दौड़ में डालमिया सीमेंट सबसे आगे रही हालांकि, मैदान में अदानी समूह और आदित्य बिड़ला समूह भी थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अदानी और अल्ट्राटेक ग्रुप दोनों की ओर से 5,000 करोड़ रुपये के उद्यम मूल्यांकन पर फर्म को खरीदने के लिए जेपी के साथ बातचीत की गई थी।
जयप्रकाश एसोसिएट्स की सीमेंट इकाइयों की बिक्री से भारतीय ऋणदाताओं को राहत मिलेगी। उनका कंपनी और इसकी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में 7 नवंबर को करीब 28,753 करोड़ रुपये का निवेश है। कंपनी ने बैंक कर्ज चुकाने में चूक के बाद सालाना 10.55 मिलियन टन सीमेंट क्षमता की बिक्री की पेशकश की थी।डालमिया सीमेंट और जयप्रकाश एसोसिएट्स की ओर से इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है।