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IT Stocks Crashed: ट्रंप की H-1B Visa Policy से कोहराम, बाजार खुलते ही बिखर गए TCS, Infosys जैसे शेयर

Mon, 22 Sep 2025 12:27 PM IST
द बोनस बोनस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

IT Stocks Crashed: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार द्वारा एच-1बी वीजा (H-1B Visa Policy) की फीस में भारी-भरकम वृद्धि का आज बाजार में असर दिख रहा है. इसके चलते TCS, Infosys समेत सारे आईटी शेयर लुढ़के हुए हैं...
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आईटी शेयरों में गिरावट - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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IT Stocks Crashed: ट्रंप की नई वीजा नीति (Trump Visa Policy) के चलते भारतीय शेयर बाजार में आज खुलते ही आईटी क्षेत्र में कोहराम मच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुक्रवार को एच-1बी वीजा की एकमुश्त फीस को 100,000 डॉलर (लगभग 88 लाख रुपए) करने की घोषणा ने आईटी दिग्गजों के शेयरों को जोरदार झटका दिया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा और कोफोर्ज जैसे प्रमुख कंपनियों के शेयरों में सुबह के सौदों में 6 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी आईटी इंडेक्स (Nifty IT Index) 3 फीसदी से अधिक लुढ़ककर 35,482 अंक के स्तर पर आ गया।

IT Stocks में आई इस तरह गिरावट

टेक महिंद्रा के शेयर (Tech Mahindra Share Price) ने 5 फीसदी से अधिक गिरकर दिन का निचला स्तर 1,453 रुपए को छू दिया, जबकि इंफोसिस (Infosys) और टीसीएस (TCS) के शेयर एनएसई पर क्रमशः 1,482 रुपए और 3,065 रुपए पर आ गए. एचसीएल टेक (1,415 रुपये), कोफोर्ज (1,702 रुपये) और एमफेसिस (2,817 रुपये) में भी 3-3 फीसदी से अधिक की कमी देखी गई। यह गिरावट ऐसे समय आई, जब आईटी क्षेत्र वैश्विक मांग में सुधार के संकेतों से उबर रहा था, लेकिन ट्रंप की नीति ने वापस अनिश्चितता पैदा कर दी।

इस कारण महत्वपूर्ण है H-1B Visa Policy

दरअसल भारतीय आईटी कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार काफी महत्वपूर्ण है. इन कंपनियों को सबसे अधिक राजस्व अमेरिकी बाजार से प्राप्त होता है। कंपनियां अपने कर्मचारियों को अमेरिकी बाजार में ऑनसाइट काम पर भेजती हैं, जिसके लिए एच-1बी वीजा जरूरी हो जाता है. ट्रंप ने अब एक झटके में इस वीजा के शुल्क को बढ़ाकर 1 लाख डॉलर कर दिया है। इस शुल्क का भुगतान कंपनियों को करना होगा. यह नया नियम रविवार से लागू हो गया है।

व्हाइट हाउस की इस सफाई से कुछ राहत

हालांकि, व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि 100,000 डॉलर की फीस केवल नए एच-1बी आवेदनों पर लागू होगी, न कि मौजूदा वीजा धारकों पर। नवीनीकरण या अमेरिका में पुनः प्रवेश के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। इससे आईटी कंपनियों का नुकसान कुछ सीमित होगा, लेकिन कंपनियां क्लाइंट्स पर इसका बोझ डाल पाएंगी या नहीं, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

IT Stocks Crashed: पहले से थी इसकी आशंका

ट्रंप की नई नीति की घोषणा शुक्रवार को भारतीय बाजार बंद होने के बाद सामने आई थी. उसके बाद से यह आशंका लगातार जाहिर की जा रही थी कि जब सोमवार को बाजार खुलेगा, ट्रंप की नई वीजा नीति पर आईटी स्टॉक्स तुरंत प्रतिक्रिया दिखाएंगे। बाजार विशेषज्ञों की इस आशंका को आईटी स्टॉक्स ने आज सही भी साबित किया और कारोबार शुरू होते ही तमाम दिग्गज औंधे मुंह गिर गए।

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डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ पाठकों को सूचित करने के लिए है. बाजार में निवेश करने के अपने जोखिम होते हैं। यदि आप निवेशक के तौर पर बाजार में पैसे लगाना चाहते हैं तो इसके लिए एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। अमर उजाला/बोनस की ओर से कभी भी निवेश से जुड़ी सलाह नहीं दी जाती है।
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