अभी तक कई ट्रेनों में खाने-पीने का सामान शौचालय के पास रखा जाता है, जिसके बाद इसकी आपूर्ति यात्रियों को की जाती है। ऐसे में खाने का सामान दूषित होने के आसार काफी बढ़ जाता है और यात्री बीमार भी पड़ सकते हैं।
हाई डेफिनेशन कैमरे का होगा इस्तेमाल
हाई डेफिनेशन कैमरे से अब ट्रेन में परोसे जाने वाले खाने की सामग्री पर नजर रखी जाएगी। सफाई सुनिश्चित करने के लिए रेलवे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लेगा। इस तकनीक से ट्रेनों में खाना परोसने वाली भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) सफाई का ध्यान रखने के अलावा खाना बनाने की तकनीक में भी बदलाव करेगा।
खाना पैक करने के लिए भी बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। यह कैमरे बड़ी-बड़ी स्क्रीन से जुड़े हुए हैं। यह सिस्टम इतना बारीक है कि खाने के सामान को दूषित करने वाले चूहों और कॉकरोच को भी ट्रैक करने में सक्षम है।
इतना ही नहीं अगर खाना बनाने वाले के हाथ में गंदगी है तो इसे भी आसानी से कैमरे में कैद कर लेगा। इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सहारे खाने पीने के सामान में होने वाली किसी भी गड़बड़ी की जानकारी सीधे आईआरसीटीसी के प्रबंध निदेशक को मिल जाएगी।