केंद्र सरकार फिलहाल उत्पाद शुल्क में किसी तरह की कटौती पर विचार नहीं कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस समय राजकोषीय हालात ऐसे नहीं हैं कि इन ईंधनों पर कर में कटौती की जाए।
हालांकि, केरल सरकार ने वैट में एक रुपया प्रति लीटर की कटौती का फैसला कर लिया है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इस समय सिर्फ पेट्रोल-डीजल पर लगाए गए कर से सरकार को साल में करीब ढाई लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिल रहा है।
इस समय जिस तरह से ढांचागत संरचना के निर्माण के साथ साथ लोक कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च हो रहा है, उसे देखते हुए राजस्व के नए स्रोत खोजने की आवश्यकता है, न कि पुराने स्रोतों को कम करने की। इसके अलावा, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली पर राज्यों को सहमत करने के लिए उनके राजस्व में कमी की सूरत में पांच साल तक आमदनी की भरपाई भी केंद्र सरकार ही करेगी।