अगर आप कम जोखिम के साथ अपने निवेश पर फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से अधिक रिटर्न चाहते हैं तो गिल्ट फंड का रुख कर सकते हैं। यह एक प्रकार की डेट म्यूचुअल फंड योजना है। इसमें म्यूचुअल फंड आपके पैसे को केंद्र और राज्य सरकारों की अलग-अलग मैच्योरिटी अवधि के लिए जारी सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं। ये प्रतिभूतियां सरकार की ओर से जारी की जाती हैं, इसलिए इसमें जोखिम कम होता है। इसके अलावा, गिल्ट फंड में एफडी के मुकाबले अधिक रिटर्न मिलता है। ज्यादातर प्रमुख बैंक एफडी पर सालाना 6.5 से 7 फीसदी की दर से ब्याज दे रहे हैं, जबकि गिल्ट फंड ने एक साल में 8.32 फीसदी तक रिटर्न दिया है।
बढ़ रहा आकर्षण
निवेशकों में गिल्ट फंडों का आकर्षण फिर बढ़ रहा है। बीते एक साल में कई गिल्ट फंडों ने बेहतर रिटर्न दिया है। ब्याज दरें अभी अपने उच्च स्तर पर हैं। लेकिन, आगे ब्याज दरों में नरमी का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसा होने से बैंक एफडी पर मिलने वाली ब्याज दरों में कमी आएगी, जिससे गिल्ट फंड का आकर्षण और बढ़ सकता है।
बेहतर लाभ की संभावना
गिल्ट फंड पर ब्याज दरों का असर रहता है। ब्याज दरें घटने पर फंडों का रिटर्न तेजी से बढ़ता है। गिल्ट फंडों के रिटर्न सरकारी यील्ड में गिरावट से सीधे जुड़े होते हैं। 10 साल के सरकारी बॉन्ड की बेंचमार्क यील्ड घटेगी तो लंबी अवधि वाले बॉन्ड की वैल्यू बढ़ जाती है। महंगाई धीरे-धीरे घट रही है। ऐसे में आगे ब्याज दरों में कटौती की पूरी गुंजाइश है। यह गिल्ट फंडों के लिए अच्छा संकेत है।
सुरक्षित निवेश को सॉवरेन गोल्ड में लगा सकते हैं पैसा
अनुज गुप्ता, प्रमुख (कमोडिटी करेंसी), एचडीएफसी सिक्योरिटीज का कहना है कि अगर आप बिना जोखिम के निवेश करना चाहते हैं तो सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में भी पैसे लगा सकते हैं। गोल्ड बॉन्ड आरबीआई की ओर से जारी किया जाता है, इसलिए इसमें पैसे डूबने का खतरा नहीं रहता है।