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सेबी: क्या अपने ग्राहकों की तरफ से फंड का प्रबंधन कर सकते हैं निवेश सलाहकार? सेबी ने दिया जवाब

Sat, 03 Jul 2021 11:38 AM IST
‌डिंपल अलावाधी पीटीआई, नई दिल्ली

सार

सेबी ने कहा कि निवेश परामर्शदाता का काम अपने ग्राहकों को सलाह देना है। उसका काम आईए नियमन के तहत अपने ग्राहकों की तरफ से कोष या प्रतिभूति का प्रबंधन करना नहीं है।
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सेबी - फोटो : PTI
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विस्तार
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बाजार नियामक सेबी ने कहा है कि निवेश सलाहकार अपने ग्राहकों की तरफ से कोष या प्रतिभूतियों का प्रबंधन नहीं कर सकते और उन्हें इस संदर्भ में 'पावर ऑफ अटॉर्नी' मांगने के बारे में विचार नहीं करना चाहिए। सेबी ने कहा कि ऐसे सलाहकारों का काम केवल अपने ग्राहकों को निवेश परामर्श देना है। वॉटरफील्ड फाइनेंशियल एंड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स ने निवेश परामर्शदाता (आईए) नियमों के संदर्भ में दिशानिर्देश मांगा था। उसके जवाब में नियामक ने उक्त बातें कही।

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निवेश सलाहकार ने सेबी से पूछे थे सवाल
अपने पत्र में, निवेश सलाहकार ने सेबी से पूछा कि क्या उसके ग्राहक अपनी इच्छा से वॉटरफील्ड को पावर ऑफ अटॉर्नी (पीओए) दे सकते हैं, जिससे वह 'कस्टोडियन' के साथ ग्राहकों के खातों से संबंधित पूछताछ करने के लिए अधिकृत हो सके। उसने यह भी पूछा था कि क्या वॉटरफील्ड ग्राहकों के संरक्षक रूप में दूसरे से संपर्क कर सकता है और ग्राहकों से लिखित सहमति तथा निर्देश प्राप्त करने के बाद पीओए के तहत ग्राहकों के निवेश निर्णयों, निवेश उत्पादों के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकता है।

ग्राहकों को सलाह देना है निवेश परामर्शदाता का काम 
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सार्वजनिक रूप से दिए अपने जवाब में कहा कि निवेश परामर्शदाता का काम अपने ग्राहकों को सलाह देना है। उसका काम आईए नियमन के तहत अपने ग्राहकों की तरफ से कोष या प्रतिभूति का प्रबंधन करना नहीं है।
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सेबी ने कहा कि आईए नियमन के तहत निवेश सलाकर के लिए जिन गतिविधियों पर विचार किया गया है, उसमें पीओए देना के बारे में कोई परिकल्पना नहीं की गई है और न ही यह वांछनीय जान पड़ता है। सेबी ने कहा कि यह स्थिति दी गई जानकारी पर आधारित है, 'अलग-अलग तथ्य या शर्तों के तहत अलग विश्लेषण हो सकता है।' मालूम हो कि हाल ही में सेबी ने शेयर बाजार में बढ़ती भेदिया कारोबार की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए इसका खुलासा करने वालों को बड़े इनाम की घोषणा की थी। बाजार नियामक ने कहा कि भेदिया कारोबार की जानकारी देने वाले को अब 10 करोड़ रुपये इनाम दिया जाएगा। 

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