Hero Motocorp virtual showroom
- फोटो : Hero Motocorp
दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कंपनी के वेंडर सॉल्ट एक्सपीरियंसेज ने 90 करोड़ रुपये का फर्जी खर्च दिखाया, जिस पर हीरो मोटोकॉर्प ने टैक्स क्रेडिट लिया है। हीरो मोटोकॉर्प पर करीब 16 करोड़ रुपये की कर चोरी का संदेह है। दो सूत्रों ने बताया, सॉल्ट एक्सपीरियंसेज ने कथित कर चोरी के मामले में डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) को 12 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। डीजीजीआईआई अब मामले की जांच कर रही है। दूसरी जांच एजेंसियों की भी इस पर नजर है।
नियंत्रण को लेकर भी जांच
जून में दो सरकारी अधिकारियों ने बताया था कि कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय भी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प और सॉल्ट एक्सीपीरियंसेज के संबंधों की जांच कर रहा है। यह मामला फंड्स के हेराफेरी से संबंधित है। इस बात की भी जांच हो रही है कि कहीं सॉल्ट एक्सीपीरियंसेज पर हीरो मोटोकॉर्प का नियंत्रण तो नहीं है।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 12 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
हीरो मोटोकॉर्प पर पहले से ही एक जांच चल रही है। पिछले सप्ताह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हीरो मोटोकॉर्प और इसके कार्यकारी चेयरमैन पवन कांत मुंजाल के 12 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान ईडी ने 30 लाख रुपये की संपत्ति भी जब्त की थी।
आईसीआईसीआई लोंबार्ड को 273 करोड़ का नोटिस
जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय ने आईसीआईसीआई लोंबार्ड इंश्योरेंस को 273 करोड़ रुपये चुकाने का नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि कंपनी के जीएसटी एक्ट-2017 के तहत 273.44 करोड़ रुपये की कर देनदारी बनती है। नोटिस जुलाई, 2017 से जुलाई, 2022 के बीच कर न चुकाने के लिए भेजा गया है। आईसीआईसीआई लोंबार्ड को जीएसटी कानून के तहत अलग-अलग धाराओं के टैक्स की मूल रकम के साथ उस पर ब्याज और जुर्माना भी देना होगा।
कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया कि यह मामला निपटान किए जा चुके मोटर दावों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट को लेकर है। कंपनी ने बिना किसी देनदारी को स्वीकार किए ही 104 करोड़ रुपये जमा किए हैं। आईसीआईसीआई लोंबार्ड इंश्योरेंस ने यह भी कहा, वह तय समय सीमा के अंदर इस पर अपना जवाब देगी। इसके पहले 26 जून को आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस को भी 492.06 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस भेजा गया था।