इस समय जो स्थितियां हैं, वह कम समय के निवेश के लिए अनुकूल हैं। ऐसे में निवेशकों को उस निवेश के साधन को चुनना चाहिए, जहां जोखिम कम या शून्य हो और साथ ही बेहतर रिटर्न मिले। बैंकों का फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी इसके लिए एक सही विकल्प हो सकता है।
पिछले साल मई से लेकर अब तक रिजर्व बैंक ने 6 बार में रेपो दर में 2.5 फीसदी की बढ़त की है। ऐसे में बैंकों ने भी कर्ज के साथ-साथ एफडी पर भी ब्याज बढ़ा दिए हैं। इस तरह, एफडी पर इस समय 8 फीसदी तक का ब्याज मिल रहा है। हालांकि, आपको इस समय एफडी की अवधि एक साल की ही रखनी चाहिए क्योंकि आगे चलकर दूसरे साधन इससे ज्यादा मुनाफा दे सकते हैं।
शेयर बाजार में जारी रह सकती है अनिश्चितता
शेयर बाजार में इस साल जारी अनिश्चितता आगे भी बनी रह सकती है। विश्लेषकों की मानें तो इस साल के अंत तक शेयर बाजार से नकारात्मक रिटर्न भी मिल सकता है। वैसे भी पिछले साल सिर्फ 4 फीसदी तक रिटर्न मिला है। इस साल कमोडिटी की कीमतें, ऊंची ब्याज दरें और कुछ देशों के बीच तनाव के साथ ही अदाणी जैसे मुद्दों ने भी बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया है। दुनियाभर के बाजार इस समय नकारात्मक रिटर्न दे रहे हैं। भारतीय बाजार भी इससे अछूता नहीं है।
म्यूचुअल फंड में एसआईपी
अगर आपके पास अपने पैसे को रोकने के लिए पांच साल का समय है तो आप इक्विटी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी का विकल्प चुन सकते हैं। हालांकि, निकट समय में बाजार में गिरावट के कारण इसने घाटा दिया है। ऐसे में आप लंबी अवधि के लिए इसे चुन सकते हैं। अगर समय कम है तो डेट फंड का विकल्प भी अच्छा है, जहां एक साल की अवधि में बैंक एफडी से ज्यादा रिटर्न मिलने की गुंजाइश है।
आगे दरें बढ़ने की उम्मीद कम
तमाम रिपोर्ट से यह पता चल रहा है कि आरबीआई अब रेपो दर में वृद्धि के आक्रामक चरण को रोक सकता है। हो सकता है कि यह अगली बार नीतिगत दर में 0.25 फीसदी की बढ़त और कर दे, पर उसके बाद वृद्धि को कोई गुंजाइश नहीं है। ऐसे में जब आरबीआई अपनी रफ्तार रोकेगा तो बैंक भी जमा या कर्ज पर दरें बढ़ाने की गति रोक देंगे।
- ऐसे में अनुमान है कि अब बैंकों के एफडी पर भी ब्याज न बढ़े। वैसे भी पिछले 9 महीने में बैंकों ने एफडी पर ब्याज में 2 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है।
- 3-5 साल के लिए निवेश करना चाहते हैं तो कर सकते हैं इक्विटी बाजार का रुख।
इन सरकारी बैंकों में सर्वाधिक ब्याज दर
| बैंक |
अवधि |
सामान्य |
वरिष्ठ नागरिक |
| एसबीआई |
400 दिन |
7.10% |
7.60% |
| यूनियन बैंक |
800 दिन |
7.30% |
7.80% |
| पीएनबी |
666 दिन |
7.25% |
7.75% |
| बैंक ऑफ महाराष्ट्र |
200 दिन |
7.00% |
7.50% |
| केनरा बैंक |
400 दिन |
7.15% |
7.65% |
| बैंक ऑफ बड़ौदा |
399 दिन |
7.05% |
7.55% |
| बैंक ऑफ इंडिया |
444 दिन |
7.05% |
7.55% |
| सेंट्रल बैंक |
444 दिन |
7.35% |
7.85% |
कर को ध्यान में रखकर ही चुनें निवेश का विकल्प
बैंक एफडी का विकल्प आप चुन सकते हैं। पर, इसके साथ यह जरूर देखें कि ब्याज पर कर चुकाने के बाद शुद्ध फायदा कितना होता है। अगर इसमें ज्यादा नहीं बच रहा है तो फिर आप ऐसे विकल्प का चयन करें, जहां ज्यादा रिटर्न मिल सके। लेकिन, टैक्स का ध्यान जरूर रखें।
-अजय कुमार सिंह, सीए