Small Savings: पीपीएफ और एनएससी समेत विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज दरों में आगामी तिमाही के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से एक अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी गई। इससे पहले सरकार ने डीए और डीआर में दो फीसदी की बढ़ोतरी का एलान किया था। आइए इस बारे में जानते हैं।
पीपीएफ और एनएससी समेत विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज दरों में आगामी तिमाही के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। एक अप्रैल, 2025 से शुरू होने वाली तिमाही के लिए इसे अपरिवर्तित रखा गया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी शुक्रवार को जारी एक अधिसूचना में इसकी जानकारी दी गई।
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वित्त मंत्रालय की एक अधिसूचना में कहा गया है, "वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही जो 1 अप्रैल, 2025 से शुरू होकर 30 जून, 2025 को समाप्त होंगी के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें पिछली तिमाही के समान ही रहेंगी।
अधिसूचना के अनुसार, सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा पर 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर मिलेगी, जबकि तीन साल की सावधि जमा पर ब्याज दर चालू तिमाही में 7.1 प्रतिशत ही रहेगी। लोकप्रिय सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और डाकघर बचत जमा योजनाओं की ब्याज दरें भी क्रमशः 7.1 प्रतिशत और 4 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई हैं।
किसान विकास पत्र पर ब्याज दर 7.5 प्रतिशत होगी तथा निवेश 115 महीने में परिपक्व होगा। राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर ब्याज दर अप्रैल-जून 2025 की अवधि के लिए 7.7 प्रतिशत रहेगी। चालू तिमाही की तरह, मासिक आय योजना निवेशकों को 7.4 प्रतिशत ब्याज देगी।
इसके साथ ही डाकघरों और बैंकों द्वारा संचालित छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में लगातार पांचवीं तिमाही में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने पिछली बार 2023-24 की चौथी तिमाही के लिए कुछ योजनाओं में बदलाव किया था। सरकार हर तिमाही में लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें अधिसूचित करती है।