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Layoffs: क्या आ गया छंटनी का दौर? बायजू के बाद अब ये टेक कंपनी भी कर सकती है कर्मचारियों को निकालने का फैसला

Thu, 13 Oct 2022 01:00 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Intel Layoffs: इंटेल इसी महीने (अक्तूबर) के अंत में छंटनी की घोषणा कर सकती है। माना जा रहा है कि छंटनी का सबसे ज्यादा असर सेल्स और मार्केटिंग जैसे विभागों पर छंटनी का सबसे ज्यादा असर पड़नेवाला है। इन विभागों में लगभग 20% कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है।
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Intel Chip
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विस्तार
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सेमीकंडक्टर बनाने वाली दुनिया की दिग्गज अमेरिकी कंपनी इंटेल कॉरपोरेशन में पैमाने पर छंटनी की तैयारी चल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह छंटनी हजारों में हो सकती है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पर्सनल कम्प्यूटर की सेल में आई गिरावट के कारण इंटेल जैसी बड़ी कंपनी कर्मचारियों की छंटनी जैसा कड़ा फैसला लेने पर विवश हुई है। 

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अक्तूबर महीने के अंत तक हो सकती है छंटनी की घोषणा

Intel

रिपेार्ट के मुताबिक इंटेल इसी महीने (अक्तूबर) के अंत में छंटनी की घोषणा कर सकती है। माना जा रहा है कि छंटनी का सबसे ज्यादा असर सेल्स और मार्केटिंग जैसे विभागों पर छंटनी का सबसे ज्यादा असर पड़नेवाला है। इन विभागों में लगभग 20% कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है। बता दें कि जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक इंटेल में करीब 1,13,700 कर्मचारी हैं। इंटेल की ओर से छंटनी से जुड़ी इस खबर पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

दूसरी तिमाही के नतीजों में कंपनी के हाथ लगी निराशा 

Intel - फोटो : अमर उजाला

गौरतलब है कि इंटेल के दूसरी तिमाही के नजीते अनुमानों की तुलना में काफी कम रहे थे। उसके बाद कंपनी ने बाकी वित्तीय वर्ष के लिए अपनी सालाना बिक्री और मुनाफे के लक्ष्य में कटौती कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक इंटेल अपनी लागत घटाने के उपायों के दौर पर छंटनी की योजना बना रही है। जानकारों के मुताबिक के हाल के दिनों इंटेल के पीसी प्रोसेसर्स की ज्यादा मांग नहीं देखने को मिल रही है, जिसका उसके कारोबार पर असर पड़ा है। इस लिए कंपनी को मजबूरन छंटनी जैसा कड़वा कदम उठाने का फैसला लेना पड़ रहा है।

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लगातार महंगाई बढ़ने से घटी पर्सनल कम्प्यूटर्स की डिमांड 

सेमीकंडक्टर चिप - फोटो : Istock

बता दें कि कोरोना संकट के दौरान पर्सनल कम्प्यूटर्स की मांग में तेजी दिखी थी। हालांकि, उसके बाद महंगाई के कई दशकों के उच्च स्तर पर रहने और ऑफिसों और स्कूलों के दोबारा खुलने के बाद लोगों ने अब पर्सनल कम्प्यूटर पर खर्च में कटौती कर दी है। इसका प्रतिकूल असर कंपनी के कारोबार पर पड़ा है। इंटेल को अपने प्रमुख पीसी मार्केट चीन में भी कोरोना संकट के दौरान लागू प्रतिबंधों के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष से दुनियाभर की सप्लाई चेन के बाधित होने से भी कंपनी का कारोबार प्रभावित हुआ है। कंपनी बाजार में अपनी हिस्सेदारी बरकरार रखने के लिए एएमडी (Advanced Micro Devices) जैसे प्रतिद्वंदियों के साथ संघर्ष कर रही है।

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