अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) बीमा उद्योग के साथ मिलकर उन पॉलिसियों के लिए संचित इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पर ट्रांजिशन मैकेनिज्म तैयार करेगा, जिन्हें 22 सितंबर से कर से छूट दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह जानकारी दी।
पिछले सप्ताह हुई जीएसटी परिषद की बैठक में केंद्र और राज्यों ने मिलकर यह निर्णय लिया था। इसमें कहा गया था कि 22 सितंबर से व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों पर दिए जाने वाले प्रीमियम पर जीएसटी से छूट मिलेगी। वर्तमान में ऐसी पॉलिसियों के प्रीमियम भुगतान पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता है।
जीएसटी दरों में बदलाव के बाद उन व्यवसायों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) रिवर्स करना होगा जिनकी आउटवर्ड सप्लाई को छूट दी गई है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने हाल ही में जारी एफएक्यू में यह स्पष्ट किया था।
निजी क्षेत्र की स्वास्थ्य और जीवन बीमा कंपनियों ने आशंका जताई है कि ITC रिवर्सल से उनकी वित्तीय स्थिति पर असर पड़ेगा। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार इस मसले पर समाधान की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हां, बोर्ड इच्छुक हितधारकों से बातचीत करेगा और देखा जाएगा कि उनकी परिवरर्तन व्यवस्था कैसे बनाई जा सकती है।
जीएसटी परिषद ने दो स्तरीय जीएसटी ढांचे को मंजूरी दे दी है। इसमें अधिकांश वस्तुओं और सेवाओं के लिए 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दरें व तंबाकू और संबंधित उत्पादों के साथ-साथ अति-विलासिता वस्तुओं के लिए 40 प्रतिशत की विशेष दर है। नई दरें 22 सितंबर से प्रभावी होंगी, तंबाकू और संबंधित उत्पादों को छोड़कर, 31 दिसंबर तक 28 प्रतिशत कर और क्षतिपूर्ति उपकर लागू रहेगा।
सरकार ने वित्त वर्ष 2024 में स्वास्थ्य सेवा और जीवन बीमा पर लगाए गए जीएसटी से 16,398 करोड़ रुपये एकत्र किए हैं। इसमें से 8,135 करोड़ रुपये जीवन बीमा से और 8,263 करोड़ रुपये स्वास्थ्य बीमा से आए। इसके अलावा, पिछले वित्त वर्ष में जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर पुनर्बीमा से 2,045 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में भी जुटाए गए। इसमें जीवन पर पुनर्बीमा से 561 करोड़ रुपये और स्वास्थ्य सेवा पर 1,484 करोड़ रुपये शामिल हैं।
वित्त वर्ष 2023 में स्वास्थ्य सेवा और जीवन बीमा सेवाओं पर जीएसटी से 16,770 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इसमें जीवन बीमा से 9,132 करोड़ रुपये और स्वास्थ्य बीमा से 7,638 करोड़ रुपये शामिल हैं।