रेल प्रशासन को डर है कि मोबाइल एप में बगैर संशोधन अगर सिर्फ मैसेज से सफर की इजाजत दी गई तो कुछ लोग चेकिंग के वक्त टिकट बुक कराकर टीटीई को दिखा सकते हैं। इसे रोकने के लिए स्टेशन परिसर और सफर के समय टिकट बुक नहीं होने की तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। गूगल का इस्तेमाल कर स्टेशनों की सीमा और रेलवे ट्रैक को चिन्हित किया जाएगा।
नौ दिन में बने 37 टिकट
मोबाइल ऐप से पूर्वोत्तर रेलवे में नौ दिनों में मात्र 37 टिकट ही बुक हुए हैं जबकि 40 यात्रियों ने सफर किया है। इसमें गोरखपुर से सफर करने वाले सबसे ज्यादा 20 यात्री है।
इन स्टेशनों पर शुरू हुई सुविधा
गोरखपुर, छपरा, लखनऊ, वाराणसी, मंडुआडीह
टिकट बुक कराने का तरीका
टिकट बुक कराने के लिए मोबाइल पर ‘यूटीएस आनलाइन ऐप’ डाउनलोड करना पड़ेगा। एक आईडी बनानी होगी जिसमें मोबाइल नंबर आवश्यक होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद 150 से 5000 रुपए तक का रीचार्ज कर सकेंगे। उसी रीचार्ज से जनरल टिकट बनेंगे। डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भी टिकट बनाने की सुविधा है।
टिकट बुक कराते समय सबसे पहले जिस स्टेशन से सफर करेंगे वह जिस मंडल के तहत आता है उसके ऑप्शन को भरना होगा। उदाहरण के तौर पर गोरखपुर से यात्रा शुरू करनी है तो पहले लखनऊ मंडल भरना होगा इसके बाद आए आप्शन में गोरखपुर टाइप करते ही डिटेल आएगा।
अभी लागू व्यवस्था में टिकट बुक होने के बाद एक ओटीपी (वन टाइप पासवर्ड) का मैसेज मोबाइल पर आता है। जिसे बताकर रेलवे टिकट काउंटर या एटीवीएम से प्रिंट लेना होता है।