इंफोसिस ने बुधवार को बताया कि जून तिमाही में उसका समेकित शुद्ध मुनाफा 8.7 प्रतिशत बढ़कर 6,921 करोड़ रुपये हो गया। भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए 1-3 प्रतिशत राजस्व वृद्धि का अनुमान भी जताया है।
नियामकीय फाइलिंग के अनुसार, बेंगलुरू मुख्यालय वाली इस कंपनी ने पिछले वर्ष की इसी अवधि में 6,368 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (कंपनी के मालिकों को देय) अर्जित किया था। समीक्षाधीन तिमाही में इन्फोसिस का परिचालन राजस्व 7.53 प्रतिशत बढ़कर 42,279 करोड़ रुपये हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में यह 39,315 करोड़ रुपये था।
क्रमिक रूप से देखा जाए तो लाभ में 1.5 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि राजस्व में 3.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इंफोसिस के सीईओ और एमडी सलिल पारेख ने कहा, "पहली तिमाही में हमारा प्रदर्शन हमारी एंटरप्राइज़ एआई क्षमताओं की मज़बूती, क्लाइंट समेकन निर्णयों में सफलता और हमारे 3,00,000 से ज़्यादा कर्मचारियों के समर्पण को दर्शाता है। 3.8 अरब डॉलर के बड़े सौदे हमारी विशिष्ट प्रतिस्पर्धी स्थिति और ग्राहकों के साथ गहरे संबंधों को दर्शाते हैं।"
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए राजस्व वृद्धि के निचले स्तर के मार्गदर्शन को बढ़ा दिया है - अब यह स्थिर मुद्रा में 1-3 प्रतिशत है, जबकि वित्त वर्ष की शुरुआत में यह 0-3 प्रतिशत था। बुधवार को बीएसई पर इंफोसिस के शेयर 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,556 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए। नतीजों की घोषणा बुधवार को बाजार बंद होने के बाद की गई।