जिम्बॉब्वे में ब्रेड के दाम अचानक से 60 फीसदी तक बढ़ गए हैं। गंभीर आर्थिक संकट और महंगाई से जूझ रहे जिम्बॉब्वे में चीजों के बढ़े हुए दाम ने आम नागरिकों की चुनौती और भी बढ़ा दी है। अचानक से ब्रेड की कीमतों से बढ़ी मुश्किल भरे हालात पैदा हो गए हैं। जिम्बाब्वे में ब्रेड दूसरा सबसे महत्वपूर्ण खाद्यान्न है।
इस अप्रत्याशित महंगाई दर ने देश को अपने ही करेंसी को खत्म करने के लिए मजबूर कर दिया है। आर्थिक संकट से जूझ रहे जिम्बाब्वे में लोग दवाइयां, अनाज और अन्य मूलभूत चीजों के भी मोहताज हैं। देश की बड़ी आबादी दिन भर में सिर्फ एक बार ही खाना खाने के लिए मजबूर है।
विक्रेताओं के अनुसार उत्पादन की कीमतों में बढ़ोत्तरी के कारण दाम बढ़ाना हम लोगों की मजबूरी है। पिछले सप्ताह प्रशासन ने बिजली के दाम में भारी भरकम वृद्धि की थी, जबकि पहले से ही जिम्बॉब्वे बिजली संकट का सामना कर रहा है। अगस्त में ही बिजली 400 फीसदी तक बढ़ा दी गई थी। इस महीने की शुरुआत में जिम्बॉब्वे में पेट्रोल की कीमतों को 25 फीसदी तक बढ़ाया गया था।
सरकार के हजारों कर्मचारी बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट के कारण काफी परेशान हैं। इस सप्ताह सरकार के सैकड़ों कर्मचारियों ने भत्ते और वेतन उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त होने के कारण ड्यूटी पर जाने से इनकार कर दिया है। पिछले महीने देश की महंगाई दर 290 फीसदी तक पहुंच गई थी।