कर्नाटक चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर महंगाई दर पर भी पड़ा। मई महीने में यह चार माह के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। वहीं दूसरी तरफ औद्योगिक विकास दर में भी मामूली इजाफा देखने को मिला।
इतनी बढ़ गई महंगाई दर
मई में महंगाई दर 4.87 फीसदी हो गई। यह अप्रैल में 4.58 फीसदी थी। इसके लिए पेट्रोल-डीजल के अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये के गिरने का असर भी देखा गया। इस साल में यह अब तक की सबसे ज्यादा बढ़ोतरी है। पेट्रोल-डीजल में इजाफा होने का असर खाने-पीने की वस्तुओं पर भी देखा जाता है, क्योंकि इनके दाम भी काफी बढ़ गए हैं।
आलू 30 रुपये किलो के पार
खुदरा बाजार में फल व सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। प्रमुख सब्जी आलू इस बार फुटकर बाजार में 30 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। अन्य सब्जियां भी महंगी हो गई हैं। वहीं फलों का राजा कहे जाने वाले आम की कीमत भी इस वक्त 50 रुपये प्रति किलो है।
यह रही औद्योगिक विकास दर
अप्रैल महीने में औद्योगिक विकास दर (आईआईपी) भी बढ़कर 4.9 फीसदी रही। यह मार्च में 4.4 फीसदी रही थी।