भारत का डेटा सेंटर और क्लाउड सेवा बाजार वर्तमान में तेज बदलाव के दौर से गुजर रहा है। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र दोनों इस क्षेत्र में बड़े कदम उठा रहे हैं, जिससे विकास और नवाचार के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। अहमदाबाद की एक अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फीबिम एवेन्यूज, भारत के इस तेजी से बढ़ते $8 बिलियन से अधिक के डेटा सेंटर बाजार में प्रवेश करने की तैयारी कर रही है। हाल ही में अपनी Q2 आय कॉल के दौरान, कंपनी ने घोषणा की कि वह इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की योजना बना रही है।
आईक्यूई ब्रांड के तहत नया डेटा सेंटर
इन्फीबिम एवेन्यूज ने इन्फीबिम क्वांटम एज (आईक्यूई) के नाम से अपना पहला डेटा सेंटर वर्टिकल स्थापित किया है या इसकी स्थापना प्रक्रिया में है।
भारतीय डेटा सेंटर बाजार का विकास
इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (आईडीसी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत एशिया का तीसरा सबसे तेजी से बढ़ता क्लाउड सेवा बाजार है। 2023 में $8.3 बिलियन के मूल्यांकन के साथ, यह बाजार 2028 तक $24.2 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, वर्तमान में इस क्षेत्र में विदेशी कंपनियों जैसे अमेजन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस), माइक्रोसॉफ्ट एज़्योर, गूगल क्लाउड और आईबीएम क्लाउड का दबदबा है।
छोटे डेटा सेंटर पर इन्फीबिम का फोकस
Q2 FY25 आय कॉल के दौरान, इन्फीबिम एवेन्यूज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक विशाल मेहता ने कहा कि कंपनी बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर के बजाय छोटे, स्थानीय 1-2 मेगावाट डेटा सेंटर स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि ये छोटे डेटा सेंटर भारत के विभिन्न शहरों में उपयोगकर्ताओं के करीब इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करेंगे। विशाल मेहता ने यह भी कहा कि छोटे डेटा सेंटर मोबाइल एज कंप्यूटिंग (एमईसी), विजुअल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और कंपनी के डिजिटल भुगतान व ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विशाल मेहता ने कहा, "छोटे डेटा सेंटर ऑपरेशनल व्यय (ओपीईएक्स) के दृष्टिकोण से अधिक प्रबंधनीय हैं और बाजार की बदलती मांगों के अनुसार विस्तार की अनुमति देते हैं।"
अन्य प्रमुख पहल
इन्फीबिम एवेन्यूज भारत की दूसरी सबसे बड़ी पेमेंट गेटवे सीसीएवेन्यू का संचालन करती है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में कदम रखा है और Phronetic.AI नामक एक विजुअल एआई फर्म की स्थापना की है। इसके अलावा, इस वित्तीय वर्ष की शुरुआत में, कंपनी ने Rediff.com में बहुमत हिस्सेदारी हासिल की, जो उपभोक्ता-केंद्रित डिजिटल वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में कंपनी की उपस्थिति को मजबूत करती है।
डेटा सुरक्षा और नियामक अनुपालन पर जोर
भारत में 2023 में लागू हुए डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) अधिनियम ने डेटा सुरक्षा को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। इस अधिनियम के अनुसार, डेटा उल्लंघन रोकने में विफल रहने वाली कंपनियों पर ₹250 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इन्फीबिम का डेटा सेंटर पहल भारतीय नियामकों की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ ग्राहकों के डेटा को सुरक्षित रूप से स्थानीय स्तर पर स्टोर करने की जरूरतों को संबोधित करेगा।