जून माह के औद्योगिक उत्पादन में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जून के औद्योगिक उत्पादन में पिछले साल जून के मुकाबले 2.1 फीसदी का इजाफा रहा। जून माह में मैन्यूफैक्चरिंग व कैपिटल गुड्स का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इस अवधि में मैन्यूफैक्चरिंग में मात्र 0.9 फीसदी की बढ़ोतरी रही, वहीं कैपिटल गुड्स के उत्पादन में पिछले साल जून के मुकाबले 16.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
औद्योगिक संगठनों का मानना है कि मैन्यूफैक्चरिंग व कैपिटल गुड्स का निराशाजनक प्रदर्शन इस बात को दर्शाता है कि निर्माण की गति अब भी नहीं बढ़ पा रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जून में खनन में 4.7 फीसदी, बिजली में 8.3 फीसदी की बढ़ोतरी रही।
वहीं बेसिक गुड्स में 5.9 फीसदी, इंटरमीडिएट गुड्स में 6.1 फीसदी, कंज्यूमर गुड्स में 2.8 फीसदी, कंज्यूमर ड्यूरेबल गुड्स में 5.6 फीसदी तो नॉन ड्यूरेबल में 1 फीसदी की बढ़ोतरी रही। जून माह में कैपिटल गुड्स को छोड़ किसी अन्य के उत्पादन में गिरावट नहीं आई।
आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में बिजली के उत्पादन में पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के मुकाबले 9 फीसदी की बढ़ोतरी रही। इस साल अप्रैल-जून में मैन्यूफैक्चरिंग में 0.7 फीसदी तो कैपिटल गुड्स में 18 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। पहली तिमाही में खनन में 2.3 फीसदी, बेसिक गुड्स में 4.8 फीसदी, इंटरमीडिएट गुड्स में 6.1 फीसदी, कंज्यूमर गुड्स में 0.6 फीसदी तो कंज्यूमर ड्यूरेबल गुड्स में 7.8 फीसदी का इजाफा रहा।