2000 सीसी या इससे अधिक क्षमता वाली डीजल गाड़ी के पंजीयन पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में लगी रोक को उच्चतम न्यायालय ने हटा दिया है। कार निर्माता कंपनियों ने न्यायालय के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे उनकी बिक्री में इजाफा होगा।
न्यायालय के फैसले से इस मामले में उन्हें एक व्यवस्था मिल गई है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के कार्यकारी निदेशक, पवन गोयनका ने कहा कि न्यायालय के इस फैसले से हमें बड़ी राहत मिली है। अब हम अपने निर्माण पर फोकस कर पाएंगे और अप्रैल 2020 तक बीएस6 के निर्देशों के मुताबिक वाहन निर्माण की तैयारी करेंगे।
इकरा के सीनियर ग्रुप वीपी, सुब्रत राय ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले के तहत 2000 सीसी या इससे अधिक क्षमता वाली डीजल गाड़ियों पर एक फीसदी का ग्रीन सेस लगाया है। लेकिन इससे डीजल गाड़ी की मांग पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। ग्रीन सेस का भार उपभोक्ताओं पर डाला जाएगा।
ह्यूंडई इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, राकेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि नई टेक्नोलॉजी व हाई पावर की वजह से डीजल गाड़ियों की मांग में इजाफा होगा। मारुति सुजुकी के चेयरमैन, आरसी भार्गव के मुताबिक, जल्द ही डीजल कारों की बिक्री में रिकवरी दिखाई देगी। अब दिल्ली एनसीआर में 2000 या इससे अधिक सीसी की डीजल गाड़ियों के पंजीयन के लिए शोरूम कीमत के एक प्रतिशत के बराबर राशि ग्रीन सेस के रूप में देनी होगी। यह रोक दिसंबर 2015 से लगी थी।