घाटे में चल रही जेट एयरवेज के पास इतना भी पैसा नहीं बचा है कि वो अपने एक भी विमान को उड़ा सके। हालांकि अब जेट के चेयरमैन नरेश गोयल को पद से हटना पड़ेगा। इसी शर्त पर एयरलाइन कंपनी मे 24 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाली एतिहाद एयरवेज निवेश करेगी।
3.8 हजार करोड़ का निवेश
एतिहाद एयरवेज कुछ शर्तों के साथ जेट में 3.8 हजार करोड़ रुपये निवेश करने को तैयार हो गई है। इसके लिए उधार पर पैसा देने वाले बैंक अपने पैसे को इक्विटी में बदलेंगे। इसके बदले जेट एयरवेज के स्वामित्व वाली जेट प्रीवलेज में 51 फीसदी हिस्सेदारी को खरीदेंगे। इस प्लान के लागू हो जाने के बाद नरेश गोयल का कंपनी पर स्वामित्व पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
मदद नहीं मिली तो बंद हो सकती है कंपनी
एतिहाद समूह के मुख्य कार्यकारी टोनी डगलस को लिखे पत्र में गोयल ने कहा कि अंतरिम तौर पर कोष जुटाने के लिए उसने जेट प्रिवलेज में अपने शेयरों को गिरवी रखने के लिए विमानन मंत्रालय से मंजूरी भी ले ली है। इस लॉयल्टी कार्यक्रम में जेट की हिस्सेदारी 49.9 फीसद है जबकि बहुलांश हिस्सेदारी एतिहाद की है।