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जेट एयरवेज के पायलटों को नौकरी देने की तैयारी में इंडिगो, देगी मुआवजा

Wed, 13 Mar 2019 03:32 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : PTI
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पायलटों की कमी से जूझ रही लो कॉस्ट एयरलाइन कंपनी इंडिगो की नजर अब घाटे से बेहाल जेट एयरवेज के पायलटों पर पड़ चुकी है। इंडिगो फिलहाल जेट एयरवेज के पायलटों को नौकरी देने का ऑफर कर रही है। 

तीन महीने से नहीं मिली है सैलरी

जेट एयरवेज के पायलट, इंजीनियर्स और अन्य स्टाफ को पिछले तीन महीने से सैलरी नहीं मिली है। इसके एवज में इंडिगो इन पायलट को मुआवजा भी देगा। इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा कि हम बोनस देने के बजाए ऐसे कर्मचारियों को यह मुआवजा दे रहे हैं। 

210 विमानों का बेड़ा

इंडिगो के पास फिलहाल 210 विमानों का बेड़ा है, लेकिन पायलट की कमी के चलते उसको रोजाना अपनी 30 उड़ानों को रद्द करना पड़ रहा है। इंडिगो ने कहा है कि वो अन्य कंपनियों से पायलटों को अपने यहां पर नौकरी पर रखता है। हम जेट ही नहीं बल्कि अन्य कंपनियों के पायलट का भी साक्षात्कार कर रहा है 

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देश में कार्यरत ज्यादातर हवाई कंपनियों के पास अनुभवी पायलटों की कमी है। ऐसे में विमानों के परिचालन में कंपनियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।  

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घाटे में चल रही जेट एयरवेज के पास इतना भी पैसा नहीं बचा है कि वो अपने एक भी विमान को उड़ा सके। हालांकि अब जेट के चेयरमैन नरेश गोयल को पद से हटना पड़ेगा। इसी शर्त पर एयरलाइन कंपनी मे 24 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाली एतिहाद एयरवेज निवेश करेगी। 

3.8 हजार करोड़ का निवेश

एतिहाद एयरवेज कुछ शर्तों के साथ जेट में 3.8 हजार करोड़ रुपये निवेश करने को तैयार हो गई है। इसके लिए उधार पर पैसा देने वाले बैंक अपने पैसे को इक्विटी में बदलेंगे। इसके बदले जेट एयरवेज के स्वामित्व वाली जेट प्रीवलेज में 51 फीसदी हिस्सेदारी को खरीदेंगे। इस प्लान के लागू हो जाने के बाद नरेश गोयल का कंपनी पर स्वामित्व पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। 

मदद नहीं मिली तो बंद हो सकती है कंपनी

एतिहाद समूह के मुख्य कार्यकारी टोनी डगलस को लिखे पत्र में गोयल ने कहा कि अंतरिम तौर पर कोष जुटाने के लिए उसने जेट प्रिवलेज में अपने शेयरों को गिरवी रखने के लिए विमानन मंत्रालय से मंजूरी भी ले ली है। इस लॉयल्टी कार्यक्रम में जेट की हिस्सेदारी 49.9 फीसद है जबकि बहुलांश हिस्सेदारी एतिहाद की है।
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