फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिपोर्ट में दावा: भारतीय स्टार्टअप ने पिछले साल जुटाए 3.10 लाख करोड़, दुनिया का हर 13वां यूनिकॉर्न भारत में बना

Fri, 14 Jan 2022 02:25 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लिपकार्ट 37.6 अरब डॉलर के साथ सबसे मूल्यवान यूनिकॉर्न है। मेन्सा ब्रांड्स सिर्फ 6 महीने में यूनिकॉर्न बनने में सफल रही। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर.... - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय स्टार्टअप पिछले साल 3.10 लाख करोड़ रुपये (42 अरब डॉलर) की पूंजी जुटाने में कामयाब रहा। यह आंकड़ा 2020 में जुटाई गई 11.5 अरब डॉलर (85 हजार करोड़) की राशि से 2.25 लाख करोड़ रुपये ज्यादा है। ओरियोस वेंचर पार्टनर्स ने बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट में कहा कि 2021 में भारत में एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले 46 स्टार्टअप यूनिकॉर्न बनने में सफल रहे।

विज्ञापन


इसके साथ ही भारत में कुल यूनिकॉर्न की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा बढ़कर 90 हो गई है। एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप को यूनिकॉर्न कहा जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, आज दुनिया का हर 13वां यूनिकॉर्न भारत में पैदा हुआ है।

पिछले साल यूनिकॉर्न बनने वाले स्टार्टअप में शेयरचैट, क्रेड, मीशो, नजारा, मॉगलिक्स, एमपीएल, ग्रोफर्स (अब ब्लिंकइट), अपग्रेड, मामाअर्थ, ग्लोबलबीज, एको और स्पिनी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लिपकार्ट 37.6 अरब डॉलर के साथ सबसे मूल्यवान यूनिकॉर्न है। मेन्सा ब्रांड्स सिर्फ 6 महीने में यूनिकॉर्न बनने में सफल रही। 
विज्ञापन


चार कंपनियां बनीं डेकाकॉर्न
रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में चार कंपनियां 10 अरब डॉलर से भी अधिक मूल्यांकन के साथ डेकाकॉर्न (10 अरब डॉलर या उससे अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) बनने में सफल रहीं। इनमें  फ्लिपकार्ट, पेटीएम, बायजू और ओयो रूम्स शामिल हैं। इसमें आगे कहा गया है कि बेंगलुरु में सबसे ज्यादा यूनिकॉर्न हैं। सबसे ज्यादा यूनिकॉर्न फिनटेक, ई-कॉमर्स एवं सॉफ्टवेयर सेवा से जुड़े हुए हैं। 

यूनिकॉर्न के मामले में भारत तीसरा सबसे बड़ा देश
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत 90 यूनिकॉर्न के साथ अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा यूनिकॉर्न मौजूदगी वाला देश बन गया है। अमेरिका में 487 और चीन में 301 यूनिकॉर्न हैं। भारत अब ब्रिटेन (39) से आगे निकल चुका है।

इसके अलावा, भारत करीब 60,000 स्टार्टअप के साथ तीसरा बड़ा स्टार्टअप परिवेश वाला देश बन गया है। ये स्टार्टअप न सिर्फ नवोन्मेषी समाधान एवं तकनीक लेकर आ रहे हैं बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार भी दे रहे हैं। पैदा कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें