भारतीय रेलवे में अब निजी क्षेत्र को भी हिस्सेदारी मिल सकती है। अभी तक केंद्र सरकार के जिम्मे रेलवे ट्रेनों का परिचालन निजी क्षेत्र को सौंपा जा सकता है। हालांकि अभी इस बात की चर्चा रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने की है, लेकिन इसका फैसला कब तक होगा इस बारे में फिलहाल किसी तरह की जानकारी नहीं मिल पाई है।
रेलवे यात्री व मालगाड़ियों के परिचालन की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र को सौंप सकता है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा है कि रेलवे यात्री ट्रेनों एवं मालगाड़ियों के परिचालन में निजी ऑपरेटरों को अनुमति देने पर विचार कर रहा है।
पिल्लई ने कहा कि रेलवे बजट के दौरान यात्री किराये व मालभाड़े की कीमतों में किसी तरह की वृद्धि करने या फिर न करने का फैसला लेता है। हालांकि अब समय आ गया है कि निजी कंपनियों/ऑपरेटरों को किराया तय करने और टर्मिनल का निर्माण करने की इजाजत दी जा सकती है कि नहीं, इस पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और इस क्षेत्र के विशेषज्ञ चर्चा कर रहे हैं। पिल्लई ने यह भी कहा कि माल ढुलाई के क्षेत्र को यात्री सेवाओं से अलग करने की जरूरत है।