देश की अर्थव्यवस्था कोरोना की मार से अच्छी तरह उबर रही है और सही राह पर आगे बढ़ रही है। इस बीच रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने वर्ष 2022 के लिए भारत का जीडीपी ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 9.5 फीसदी कर दिया है। गौरतलब है कि मूडीज ने इससे पहले 7 फीसदी ग्रोथ रेट अनुमान जताया था।
2023 के लिए अनुमान 5.5 फीसदी
भारतीय अथर्व्यवस्था को लेकर रेटिंग्स एजेंसी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार 2023 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान को 5.5 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना की मार के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी के साथ वापसी कर रही है। मूडीज का यह अनुमान आरबीआई के अनुमान से 60 बेसिस प्वाइंट अधिक है। बता दें कि केंद्रीय बैंक ने भारतीय अर्थव्यवस्था के 2022- 23 में 7.8 फीसदी के दर से बढ़ने का अनुमान जताया है।
अपनी रिपोर्ट में कही ये बड़ी बात
मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वित्त वर्ष 23 में ग्रोथ रेट 8.4 फीसदी और वित्त वर्ष 24 में ग्रोथ रेट 6.5 फीसदी रह सकती है। मूडीज ने अपनी ग्लोबल मैक्रो आउटलुक 2022-23 की रिपोर्ट में कहा है कि भारत में सेल्स टैक्स कलेक्शन, रिटेल एक्टिविटी और पीएमआई से मजबूती के संकेत मिलते हैं। हालांकि, ईंधन की बढ़ती कीमतें और सप्लाई में बाधाओं के चलते अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर भी पड़ सकता है।
फिच रेटिंग्स ने जताया ये अनुमान
मूडीज के साथ ही फिच रेटिंग्स ने भी गुरुवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था कोरोना महामारी का प्रकोप झेलने के बाद तेजी से वापसी कर रही है। हालांकि, फिच के अनुसार देश की मध्य अवधि के कर्ज के संबंध में अनिश्चित्ता बरकरार है। फिच ने भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ के अगले वित्त वर्ष में 10.3 फीसदी और 2021-22 में 8.4 फीसदी पर रहने का अनुमान जताया है। फिच ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि फिजकल कंसोलिडेशन हमारे इससे पहले 1 फरवरी 2022 को पेश किए गए बजट के आधार पर उम्मीदों के मुकाबले धीमा रह सकता है।