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Indian Economy: भारत को विकसित देश बनने में कितना समय लगेगा, आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने लगाया ये अनुमान

Sat, 24 Dec 2022 02:09 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Indian Economy: आईसीएफएआई फाउंडेशन फॉर हायर एजुकेशन के 12वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कुल उत्पादन स्तर पर भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। यह अपने आप में एक प्रभावशाली उपलब्धि है। लेकिन प्रति व्यक्ति आय के मामले में आईएमएफ के अनुसार भारत का स्थान 197 देशों में 142वां है। 
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indian economy - फोटो : istock
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विस्तार
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भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन ने शनिवार को कहा कि 8-9 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर के साथ भारत को विकसित देश बनने में 20 साल का समय लग सकता है।  रंगराजन ने कहा कि उच्च मध्यम आय वाले देश के स्तर तक पहुंचने के लिए दो साल और लगेंगे। विकसित देश के रूप में वर्गीकृत होने के लिए प्रति व्यक्ति सालाना आय न्यूनतम 13,205 डॉलर होनी चाहिए और इसे हासिल करने में दो दशक से अधिक समय लग जाएंगे।

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आईसीएफएआई फाउंडेशन फॉर हायर एजुकेशन के 12वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कुल उत्पादन स्तर पर भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। यह अपने आप में एक प्रभावशाली उपलब्धि है। लेकिन प्रति व्यक्ति आय के मामले में आईएमएफ के अनुसार भारत का स्थान 197 देशों में 142वां है। 

उन्होंने कहा, 'नीति निर्माताओं का तत्काल ध्यान अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर बढ़ाने पर होना चाहिए। 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था की प्राप्ति एक अच्छा अल्पकालिक आकांक्षी लक्ष्य है। यह कम से कम पांच साल तक 9 प्रतिशत की सतत वृद्धि दर हासिल करने से संभव हो सकेगा। फिर भी यह लक्ष्य हासिल करने के बाद भी भारत की प्रति व्यक्ति सालाना आय केवल 3472 अमरीकी डालर होगी और हमें अभी भी निम्न मध्यम आय वाले देश के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।
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उन्होंने कहा, 'हमें इस तरह लंबा सफर तय करना है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, 'यह दिखाता है कि हमें निश्चित रूप से तेजी से चलने की जरूरत है।  कोविड-19 के बाद और रूस के यूक्रेन युद्ध के बाद, भारत के भविष्य के विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता है।  उन्होंने कहा कि शुरुआत में वृद्धि दर को बढ़ाकर सात प्रतिशत करने की जरूरत है और फिर इसके बाद आठ से नौ प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करने की जरूरत है जो संभव है और भारत ने अतीत में दिखाया है कि वह छह से सात साल की सतत अवधि में इस तरह की वृद्धि दर हासिल कर सकता है।

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