भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने पिछले दो महीनों में मिसाइलों, निर्देशित बमों और नवीनतम विमान सहित 7,500 करोड़ रुपये की रक्षा खरीद को अंतिम रूप दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इस संदर्भ में अधिकारियों ने बताया कि इनमें रूस से 1000 करोड़ रुपये की मिसाइलों की एक खेप की खरीद भी शामिल है। पिछले महीने, सरकार ने एक इस्राइली रक्षा फर्म के साथ 300 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत स्पाइस 2000 निर्देशित बमों की खरीद की जानी है। बता दें कि वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में किए गए एयरस्ट्राइक में स्पाइस बमों का ही इस्तेमाल किया था।
टाटा-एयरबस के साथ जो समझौता हुआ है, उसमें 56 ट्विन-टर्बोप्रोप टैक्टिकल सी-295 एयरक्राफ्ट हैं, ये प्रोजेक्ट लगभग फाइनल हो चुका है। इस प्रोजेक्ट की शुरुआती कीमत 11,929 करोड़ रुपये है। सी-295 विमान वायुसेना के एवरो विमानों की जगह लेंगे। एवरो विमान को 1960 के दशक की शुरुआत में शामिल किया गया था। हालांकि एयरबस पहले 16 विमानों की सप्लाई करेगा और बाकी के 40 विमानों को आठ साल के भीतर भारत में ही बनाया जाएगा।