भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए कहा कि रूस से कच्चे तेल का आयात पूरी तरह बंद नहीं होगा। द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) में प्रस्ताव पर अड़ा रहेगा और अमेरिका से निर्यात घाटा पूरा करने के लिए नए बाजार खोजे जाएंगे।
भारत ने अतिरिक्त टैरिफ लगाने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी को तवज्जो नहीं दी है। भारत ने साफ कहा है कि वह रूस से कच्चे तेल का आयात पूरी तरह बंद नहीं करेगा। साथ ही, दिसंबर में द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के तहत अमेरिका को दिए गए प्रस्ताव पर अड़ा रहेगा। अमेरिका से होने वाले निर्यात घाटे को पूरा करने के लिए नए बाजार की तलाश भी जारी रखेगा। भारत को आशंका है कि रूस से तेल आयात पर पूर्ण रोक के बाद अमेरिका नई शर्तें लाद सकता है। इसलिए, द्विपक्षीय समझौते के लिए न तो हड़बड़ी दिखा रहा है, न चीन की तरह जवाबी कार्रवाई कर रहा है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि बीटीए की राह में सबसे बड़ा रोड़ा विश्वसनीयता का संकट है। बीते माह भारत ने अमेरिका के समक्ष रूस से तेल आयात पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ खत्म करने, शेष 25 फीसदी टैरिफ को 15 फीसदी करने का प्रस्ताव दिया था। बदले में अमेरिका से तेल का आयात बढ़ाने समेत कई क्षेत्रों में समझौते की पेशकश की थी। इसके बाद रूस से तेल आयात भी कम किया था।
रूस से कच्चे तेल का कम किया आयात
अमेरिका के अतिरिक्त टैरिफ और कुछ रूसी कंपनियों पर प्रतिबंध के बाद भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात कम हुआ है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत ने 35.2%, जबकि 2024-25 में 32.3% कच्चा तेल खरीदा। चालू वित्तीय वर्ष में इसमें तेजी से कमी आई और नवंबर महीने में भारत ने रूस से 17.7 लाख बैरल तो दिसंबर में 12 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा।