फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महंगाई: भारत ने ओपेक से कहा- कच्चे तेल की कीमतें काफी चुनौतीपूर्ण, नीचे लाने की जरूरत

Wed, 30 Jun 2021 03:05 PM IST
‌डिंपल अलावाधी पीटीआई, नई दिल्ली

सार

तेल निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) की बैठक से पहले भारत ने कहा कि कहीं ऐसा न हो कि तेल की ऊंची कीमत का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था में जो उपभोग आधारित पुनरूद्धार की प्रक्रिया शुरू हुई है उस पर पड़ने लगे।
विज्ञापन
कच्चा तेल - फोटो : pixabay
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत ने कहा कि कच्चे तेल का मौजूदा मूल्य काफी चुनौतीपूर्ण है और दरों को थोड़ा नीचे लाए जाने की जरूरत है। तेल निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) की बैठक से पहले भारत ने कहा कि कहीं ऐसा न हो कि तेल की ऊंची कीमत का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था में जो उपभोग आधारित पुनरूद्धार की प्रक्रिया शुरू हुई है उस पर पड़ने लगे।

विज्ञापन


पहले किया था उत्पादन में कटौती को समाप्त करने का आग्रह 
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत कीमत को लेकर संवेदनशील बजार है और वह जहां कहीं भी प्रतिस्पर्धी दर होगी, वहां से तेल खरीदेगा। पिछले सप्ताह ही मंत्री ने ओपेक से उत्पादन में कटौती को समाप्त करने का फिर से आग्रह किया था।

तेजी से चढ़े हैं पेट्रोल और डीजल के दाम
मांग में सुधार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतों में तेजी आई है। इससे भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम तेजी से चढ़े हैं। देश भर में ईंधन के दाम ऊंचे हैं और कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पेट्रोल 100 रुपये लीटर को पार कर गया है। वहीं राजस्थान और ओडिशा में डीजल 100 रुपये लीटर से ऊपर निकल गया है।
विज्ञापन


काफी चुनौतीपूर्ण है कीमत 
प्रधान ने बीएनईएफ शिखर सम्मेलन में कहा कि, 'आज कीमत काफी चुनौतीपूर्ण है। मैं अपने उत्पादक मित्रों से तेल की उपयुक्त कीमत का आग्रह कर रहा हूं।' मंत्री ने कहा कि उनकी ओपेक महासचिव मोहम्मद बारकिंडो के साथ पिछले सप्ताह काफी सार्थक बातचीत हुई। 'अगले कुछ दिनों में ओपेक की बैठक होने वाली है और मुझे उम्मीद है कि कीमत में कुछ नरमी आएगी।'

एक जुलाई को बैठक
ओपेक, रूस और अन्य सहयोगी देशों की अगस्त और संभवत: उसके बाद के उत्पादन कोटा पर निर्णय को लेकर एक जुलाई को बैठक होनी है। ऐसी संभावना है कि ओपेक और उसके सहयोगी देश वैश्विक तेल मांग और आपूर्ति के बीच अंतर को देखते हुए 500,000 से 7,00,000 बैरल प्रतिदिन उत्पादन बढ़ाने को सहमत हों।

ऊंची मुद्रास्फीति आर्थिक वृद्धि के लिए चुनौती
उल्लेखनीय है कि मांग बढ़ने तथा आपूर्ति कम होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत बढ़कर 75 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर तक चली गई है जो अप्रैल 2019 के बाद सर्वाधिक है। तेल के ऊंचे दाम मुद्रास्फीति पर दबाव बढ़ा रहे हैं। प्रधान ने कहा कि ऊंची मुद्रास्फीति आर्थिक वृद्धि के लिए चुनौती है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें