फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश में बढ़ेगा निवेश: आईडीबीआई बैंक सौदे के बाद भारत में पैसा लगाएगा कनाडा, किन क्षेत्रों में संभावनाएं?

Wed, 14 Oct 2026 10:25 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आईडीबीआई बैंक की 52,878 करोड़ रुपये की रणनीतिक बिक्री और पुनर्गठन को मंजूरी मिलने के बाद कनाडा ने भारत में निवेश बढ़ाने की संभावनाएं जताई हैं। कनाडा के मंत्री मनिंदर सिद्धू के मुताबिक, उनका देश भारत में करीब 107 अरब डॉलर लगा चुका है। विमानन, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे में नए अवसर हैं। क्या इस सौदे से भारत में कनाडाई निवेश बढ़ेगा और क्या 100 नए हवाई अड्डों की योजना में कनाडा की भूमिका अहम होगी?

विज्ञापन
आईडीबीआई बैंक सौदे से भारत-कनाडा संबंधों को क्या फायदा? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत और कनाडा के बीच कारोबारी रिश्तों को बढ़ावा देने की दिशा में आईडीबीआई बैंक का सौदा अहम माना जा रहा है। कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने कहा है कि उनका देश भारत में निवेश और बढ़ाने की संभावनाएं देख रहा है। केंद्र सरकार ने बुधवार को आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री और पुनर्गठन को मंजूरी दी है। यह सौदा 52,878 करोड़ रुपये का है और इसमें कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की भूमिका अहम है। सिद्धू के मुताबिक, भारत में बुनियादी ढांचे, विमानन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में कनाडाई कंपनियों के लिए काफी अवसर हैं।

विज्ञापन


सिद्धू ने कहा कि कनाडा अब तक भारत में करीब 107 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश कर चुका है। इसके बावजूद दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ाने की काफी गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि कनाडाई कंपनियां, संस्थान और पेंशन फंड भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान दे रहे हैं। सिद्धू ने फेयरफैक्स और उसके प्रमुख प्रेम वत्स की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि कंपनी भारत में हवाई अड्डों के विकास में मदद कर रही है। उनके मुताबिक, भारत की विकास योजनाएं कनाडा के लिए निवेश के नए रास्ते खोल सकती हैं।

निर्मला सीतारमण बोलीं- बैंकिंग व्यवस्था होगी मजबूत

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक पुनर्गठन को मंजूरी मिलने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे बैंक को विकास के अगले चरण में पहुंचने और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) हासिल करने में मदद मिलेगी। बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को आईडीबीआई बैंक की 60.72 प्रतिशत नियंत्रक हिस्सेदारी 52,878 करोड़ रुपये में बेचने की मंजूरी दी। इस सौदे के बाद भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की हिस्सेदारी घटकर 19 प्रतिशत रह जाएगी। सीतारमण के मुताबिक, इस कदम से देश का बैंकिंग तंत्र मजबूत होगा और बैंकिंग सेवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने में मदद मिलेगी।
  • केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस फैसले से वित्तीय क्षेत्र में विदेशी निवेश बढ़ेगा और छोटे कारोबारियों तथा उद्यमियों के लिए नए अवसर बनेंगे। सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी और एलआईसी अपनी 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी। सौदे के बाद सरकार के पास 15 प्रतिशत और एलआईसी के पास 19 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी। बैंक की वित्तीय स्थिति में भी सुधार हुआ है। इसका सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (जीएनपीए) अनुपात सितंबर 2018 के 31.78 प्रतिशत से घटकर मार्च 2026 में 2.32 प्रतिशत रह गया। शुद्ध एनपीए भी 17.30 प्रतिशत से घटकर 0.15 प्रतिशत हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक ने 9,513 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। खराब वित्तीय स्थिति के कारण मई 2017 में आरबीआई ने बैंक को त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) के दायरे में रखा था, जिसे सुधार के बाद मार्च 2021 में हटा दिया गया।

विज्ञापन

आईडीबीआई बैंक के सौदे में क्या हुआ और कनाडा की भूमिका क्यों अहम है?
केंद्र सरकार की कैबिनेट ने आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री और पुनर्गठन को मंजूरी दी है। प्रस्तावित सौदे का मूल्य 52,878 करोड़ रुपये है। इस प्रक्रिया के तहत भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 19 प्रतिशत करने वाला है। वहीं, कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की भागीदारी से बैंक के स्वामित्व में बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह सौदा भारत के बैंकिंग क्षेत्र में सरकारी हिस्सेदारी घटाने की कोशिशों का अहम हिस्सा है। इसके साथ ही भारत और कनाडा के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ने की संभावनाओं पर भी ध्यान गया है।

भारत में किन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना चाहता है कनाडा?
सिद्धू ने कहा कि भारत में बुनियादी ढांचे, विमानन, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में कनाडा के लिए निवेश के बड़े अवसर हैं। उन्होंने भारत की हवाई यातायात और परिवहन से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि देश 100 और हवाई अड्डे बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके अलावा भारत को करीब 2,000 और विमानों की जरूरत होगी। सिद्धू के अनुसार, कनाडा का विमानन उद्योग, बुनियादी ढांचे से जुड़ी विशेषज्ञता और ऊर्जा क्षेत्र की क्षमता इन जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दे सकती है।

भारतीय बुनियादी ढांचे में कनाडाई पेंशन फंड कैसे मदद कर रहे हैं?
कनाडा के मंत्री ने बताया कि उनके देश के पेंशन फंड भारत में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भागीदारी कर रहे हैं। इनमें राजमार्गों से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं। पेंशन फंड ऐसे निवेश को लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं, जिससे बड़ी परियोजनाओं के लिए पूंजी उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। सिद्धू ने भारत और कनाडा की अर्थव्यवस्थाओं को एक-दूसरे के लिए उपयोगी बताया। उनके मुताबिक, भारत की विकास जरूरतें और कनाडा की निवेश क्षमता दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ा सकती हैं।

क्या आईडीबीआई बैंक सौदे से दोनों देशों का निवेश संबंध मजबूत होगा?
सिद्धू ने भरोसा जताया कि भारत और कनाडा के बीच निवेश आने वाले समय में और बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि कनाडा पहले ही भारत में बड़ी रकम निवेश कर चुका है, लेकिन अवसर अभी खत्म नहीं हुए हैं। आईडीबीआई बैंक का सौदा ऐसे समय हुआ है, जब दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को विस्तार देने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, इस सौदे के बाद कितना अतिरिक्त निवेश आएगा, इसकी कोई निश्चित राशि या समयसीमा मंत्री ने नहीं बताई। फिलहाल बुनियादी ढांचा, विमानन, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज दोनों देशों के संभावित सहयोग के प्रमुख क्षेत्र हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें