इससे कुछ महीने पहले अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) ने अपने ऑडिट में भारत की सुरक्षा रैंकिंग में सुधार किया था। नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक ट्वीट में कहा कि विमानन सुरक्षा निरीक्षण के लिए भारत के मानक दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बने हुए हैं! बधाई हो।
विमानन सुरक्षा को लेकर भारत के लिए बड़ी खबर आ रही है। अमेरिका के संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) के विमानन सुरक्षा मूल्यांकन कार्यक्रम के तहत भारत दर्जा बरकरार रखा गया है। एफएए के कार्यक्रम के तहत भारत का श्रेणी-1 का दर्जा अब भी बरकरार है। इस दर्जे से भारतीय विमानन कंपनियों को अपने विदेशी कार्यक्रमों (विमान संचालन) का विस्तार करने में मदद मिलेगी।
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इससे कुछ महीने पहले अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) ने अपने ऑडिट में भारत की सुरक्षा रैंकिंग में सुधार किया था। नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक ट्वीट में कहा कि विमानन सुरक्षा निरीक्षण के लिए भारत के मानक दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बने हुए हैं! बधाई हो।
इसके क्या मायने?
एफएए अपने अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा मूल्यांकन (आईएएसए) कार्यक्रम के तहत यह तय करता है कि क्या किसी देश की विमानन कंपनियां आईसीएओ के सुरक्षा मानकों का अनुपालन करती है या नहीं। इनमें उन विमानन कंपनियों को शामिल किया जाता है, जो अमेरिका में परिचालन करना चाहती हैं। आईएएसए कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा मानकों का पालन करने की देश की क्षमता और कर्मियों के लाइसेंस, विमान के संचालन और उड़ान योग्यता के संबंध में तय गतिविधियों पर आधारित है।
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डीजीसीए ने कही यह बात
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक बयान में कहा कि हर पहलू का मूल्यांकन करने और इसके बाद कई स्तर के विचार-विमर्श के बाद नतीजे सामने आए हैं। उस आधार पर एफएए ने बुधवार को बताया कि भारत विमानन सुरक्षा निरीक्षण के तहत अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरता है। भारत एफएए आईएएसए की श्रेणी-1 में बना हुआ है। इसका अंतिम मूल्यांकन जुलाई 2018 में किया गया था।