क्या कहते हैं आंकड़े?
न्यूजीलैंड को भारत का निर्यात व्यापक है, लेकिन इसमें ईंधन, वस्त्र और फार्मास्यूटिकल्स की मात्रा अधिक है। विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) का शिपमेंट 110.8 मिलियन डॉलर के साथ सबसे आगे रहा, इसके बाद कपड़े, फैब्रिक और घरेलू वस्त्रों का शिपमेंट 95.8 मिलियन डॉलर का रहा। दवाओं का मूल्य 57.5 डॉलर था, जबकि टर्बोजेट सहित मशीनरी का योगदान 51.8 मिलियन डॉलर था। पेट्रोलियम उत्पाद एक अन्य प्रमुख घटक थे, जिनमें डीजल का निर्यात 47.8 मिलियन डॉलर और पेट्रोल का निर्यात 22.7 अमेरिकी डॉलर था।
अन्य उल्लेखनीय निर्यातों में ऑटोमोबाइल और पुर्जे (19.3 मिलियन डॉलर), कागज और पेपरबोर्ड (18.3 मिलियन डॉलर), इलेक्ट्रॉनिक्स (16.5 मिलियन डॉलर), लोहा और इस्पात (14.1 मिलियन डॉलर), झींगा (13.7 मिलियन डॉलर), बासमती चावल (11.9 मिलियन डॉलर) और सोने के आभूषण (9.9 मिलियन डॉलर) शामिल थे।
इसके विपरीत, न्यूजीलैंड से भारत को होने वाले निर्यात में कच्चे माल और कृषि संबंधी इनपुट का वर्चस्व है। लकड़ी और लकड़ी से बने सामान (78.4 मिलियन डॉलर) और लकड़ी का गूदा (39.8 मिलियन डॉलर) कागज, पैकेजिंग और निर्माण में संबंधों को रेखांकित करते हैं।
स्टील स्क्रैप का निर्यात 71.2 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जबकि एल्युमीनियम स्क्रैप का कुल निर्यात 42.9 मिलियन डॉलर रहा, जो पुनर्चक्रित धातु इनपुट पर भारत की निर्भरता को दर्शाता है।
ऊर्जा और भारी उद्योग में, कोकिंग कोयले का निर्यात 48.8 मिलियन डॉलर रहा, साथ ही 66.2 मिलियन डॉलर मूल्य के उच्च-मूल्य वाले टर्बोजेट विमानों का निर्यात भी शामिल है।
कृषि और पशु-आधारित उत्पाद भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिनमें ऊन (47.3 मिलियन डॉलर), दूध एल्ब्यूमिन (32.1 मिलियन डॉलर), सेब (32.8 मिलियन डॉलर) और कीवी फल (17 मिलियन डॉलर) प्रमुख हैं।
इसमें यह भी कहा गया है कि न्यूजीलैंड दुनिया के सबसे बड़े डेयरी निर्यातकों में से एक है, जबकि भारत लाखों छोटे डेयरी किसानों का घर है जिनके लिए बाजार संरक्षण एक बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है।
हालांकि, व्यवहार में वर्तमान व्यापार न्यूनतम है। वित्त वर्ष 2025 में भारत को न्यूजीलैंड के डेयरी उत्पादों का निर्यात मात्र 1.07 मिलियन डॉलर था, जिसमें दूध और क्रीम (0.40 मिलियन डॉलर), प्राकृतिक शहद (0.32 मिलियन अमेरिकी डॉलर), मोजेरेला चीज (0.18 मिलियन डॉलर), मक्खन (0.09 मिलियन डॉलर) और स्किम्ड मिल्क (0.08 मिलियन डॉलर) शामिल थे।
डेयरी और सेवा क्षेत्र को लेकर विशेषज्ञ की राय
उन्होंने कहा कि भारत ने थोक डेयरी आयात के लिए दरवाजे खोलने का विरोध किया है, हालांकि कुछ समय बाद यह विशिष्ट, मूल्यवर्धित उत्पादों के लिए सीमित पहुंच की अनुमति दे सकता है। सेवाओं का व्यापार इस रिश्ते का एक अधिक महत्वपूर्ण भले ही कम दिखाई देने वाला स्तंभ है। वित्त वर्ष 2024 में, न्यूजीलैंड को भारत का सेवा निर्यात 214.1 मिलियन डॉलर रहा, जबकि भारत को न्यूजीलैंड का सेवा निर्यात 456.5 मिलियन डॉलर रहा। भारत की ताकत आईटी और सॉफ्टवेयर सेवाओं, दूरसंचार सहायता, स्वास्थ्य सेवा और वित्तीय सेवाओं में निहित है।
उन्होंने आगे कहा कि न्यूजीलैंड के सेवा निर्यात में शिक्षा का दबदबा है, जो भारतीय छात्रों द्वारा संचालित है> इसके बाद पर्यटन, फिनटेक समाधान और विशेष विमानन प्रशिक्षण का स्थान आता है।