कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान का साथ देने वाले मलयेशिया को भारतीय कारोबारियों की नाराजगी झेलनी पड़ी है। भारतीय कारोबारियों ने मलयेशिया से पाम ऑयल (Palm Oil) के नए सौदे करना बंद कर दिया है।
बता दें कि प्रति वर्ष भारत 90 लाख टन पाम ऑयल आयात करता है। ज्यादातर तेल इंडोनेशिया और मलयेशिया से ही आता है। इसके अलावा अर्जेंटीना और यूक्रेन से भी तेल आयात किया जाता है। इस साल जनवरी से सितंबर तक 39 लाख टन ऑयल मलयेशिया से आया था।
भारत सरकार जल्द ही मलयेशिया के खिलाफ बड़ा कदम उठा सकती है। मलयेशिया द्वारा संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ देते हुए भारत की कार्रवाई को गलत बताने के बाद भारत सरकार मलयेशिया के खिलाफ व्यापारिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है। इसके मद्देनजर सरकार ने सख्त संदेश भी भेज दिया है।
बता दें कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार मलयेशिया से आयात होने वाले पाम ऑयल ( Palm Oil ) पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसके साथ ही अन्य उत्पादों पर भी प्रतिबंध की घोषणा हो सकती है।
एक एजेंसी की रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से यह बात प्राप्त हुई है। बता दें कि प्रति वर्ष भारत 90 लाख टन पाम ऑयल आयात करता है। ज्यादातर तेल इंडोनेशिया और मलयेशिया से ही आता है। इसके अतिरिक्त अर्जेंटीना और यूक्रेन से भी तेल आयात किया जाता है। कुल खाद्य तेल की खपत में पाम ऑयल का हिस्सा करीब दो तिहाई है।
हालांकि इस संदर्भ में मलयेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कहा था कि उन्हें भारत से इस प्रकार की कोई सूचना नहीं मिली है। तेल पर प्रतिबंध लगाने की खबर के बाद मलयेशिया में पाम ऑयल में पिछले पांच दिनों के मुकाबले भाव में कमी देखी गई है।
बता दें कि पिछले महीने मोहम्मद ने जम्मू-कश्मीर के हालात पर टिप्पणी करते हुए इसे भारत का आक्रमण करार दिया था। उन्होंने भारत को पाकिस्तान से बात करने की सलाह भी दी थी। तब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा था कि वे मलयेशिया सरकार को कहेंगे कि वह कोई भी बयान देने से पहले हकीकत को समझ लें।