भारत की मौजूदा आर्थिक वृद्धि की रफ्तार के मद्देनजर आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि भारत को व्यापक रूप से 2022 में दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में माना गया है। जब अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं वास्तव में मंदी या अपनी विकास गति में काफी कमी का सामना कर रही हैं भारत ने तेज गति दिखाई है।
रुपये में अन्य मुद्राओं से कम गिरावट
घरेलू मुद्रा को अधिक उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए आरबीआई मौजूद है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया सिर्फ 4.5 फीसदी टूटा है, जबकि दुनिया की अन्य मुद्राओं में कहीं अधिक गिरावट दर्ज की गई है।
महंगाई : दूसरी छमाही से कीमतों में नरमी आने की संभावना
दास ने कहा, आने वाले महीनों में महंगाई के मोर्चे पर अच्छे दिन आने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही से कीमतों में नरमी की संभावना है।चौथी तिमाही से कीमतों में गिरावट अधिक तेज हो सकती है।
डिजिटल के दम पर 2047 तक विकसित बनेगा भारत : वित्त मंत्री
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा, महामारी से उबरने के बाद भी दुनिया कई नई चुनौतियों से जूझ रही है। 2047 तक विकसित देश बनने के लिए भारत को कई मुद्दों पर ध्यान देना होगा। इस लक्ष्य को पाने के लिए बहुत सारी चीजों को फिर से आकार देना पड़ेगा। इसमें डिजिटलीकरण, शिक्षा व बुनियादी ढांचा सबसे महत्वपूर्ण साधन हैं।
अगले 25 वर्षों के सुधारों व विकास के सवाल पर कहा, जब भारत स्वतंत्रता की पहली शताब्दी मनाएगा, हमें बहुत सारी चीजें ठीक करनी होंगी। सरकार डिजिटलीकरण, शिक्षा और बुनियादी ढांचे का विकास कर रही है ताकि अंदरुनी इलाके शहरों से अलग-थलग न रह सकें।
अप्रत्याशित लाभ कर : अचानक नहीं उद्योग से चर्चा के बाद ही वसूला जा रहा
वित्त मंत्री ने कहा, पेट्रोलियम उत्पादों और कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर अचानक नहीं लगाया गया है। उद्योग के साथ नियमित परामर्श के बाद ही वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा, जब हमने इस बारे में सुझाव दिया तो उद्योग जगत से कहा था कि हर 15 दिनों में इस कर समीक्षा की जाएगी और हम ऐसा ही कर रहे हैं।