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भारत की जीडीपी वृद्धि 2.6% या 7.8%?: विश्व बैंक के निदेशक ने क्या बताया, कम वृद्धि दर के दावे का जानिए सच

Fri, 04 Sep 2026 06:01 AM IST
निर्मल कांत एजेंसी, वाशिंगटन।

सार

भारत की जीडीपी वृद्धि दर 2.6% रहने के दावे पर सवाल उठे हैं। विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक नीलकंठ मिश्र ने इस पर स्थिति साफ की है। उन्होंने नई जीडीपी सीरीज और कारों, टैक्स कलेक्शन व क्रेडिट ग्रोथ जैसे आंकड़ों का हवाला दिया। आखिर 2.6% और 7.8% के दावों में सच क्या है? पढ़िए रिपोर्ट
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भारत की जीडीपी विकास दर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक (ईडी) नीलकंठ मिश्र ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8% के बजाय 2.6% रहने के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अल्पज्ञान करार दिया। उन्होंने कहा, ऐसे निराधार दावों को चर्चा ही आश्चर्यजनक है। 
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यह विवाद पूर्व वित्त सचिव एससी गर्ग की तरफ से आंकड़ों पर सवाल उठाए जाने के बाद शुरू हुआ था। गर्ग का दावा था कि पिछले वर्ष के जीडीपी आंकड़ों में संशोधन न होता तो विकास दर काफी कम होती। हालांकि, नीलकंठ ने कहा कि फरवरी 2026 में आई नई सीरीज से डाटा अधिक पारदर्शी हुआ है। अर्थव्यवस्था के कई अन्य आंकड़े भी शानदार तेजी की गवाही दे रहे हैं। अगस्त के दौरान कारों और एसयूवी की बिक्री में 35%, दोपहिया में 20% से अधिक व कमर्शियल वाहनों में 40% से ज्यादा की मजबूत वृद्धि हुई। टैक्स कलेक्शन और क्रेडिट ग्रोथ में भी सुधार है।

 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन एनके सिंह ने जीडीपी डाटा की नई सीरीज का समर्थन किया। उन्होंने कहा, यह देश के आर्थिक ढांचे में आए बड़े बदलावों, खासकर सर्विस सेक्टर के तेजी से विस्तार को दिखाता है। 
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जीडीपी दर 2.6 फीसदी बताना बौद्धिक बेईमानी
पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद और 16वें वित्त आयोग के सदस्य सौम्य कांति घोष ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8% के बजाय 2.6% होने के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बौद्धिक बेईमानी करार दिया। घोष ने कहा, यदि कोई वास्तव में पिछले वर्ष की पहली तिमाही के गैर-संशोधित बेस पर मौजूदा नॉमिनल जीडीपी आंकड़ों की तुलना करना चाहता है, तो उसे 80.4 लाख  करोड़ के मुकाबले 88.3 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को ध्यान में रखना चाहिए। इससे विकास दर 9.7% निकलकर आएगी और इस नॉमिनल वृद्धि के साथ भी वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.4% रहेगी।
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