फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'भारत में ईंधन की किल्लत नहीं': सरकार का बड़ा दावा- पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भरे हैं भंडार

Sun, 12 Apr 2026 06:47 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, नई दिल्ली

सार

पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन भारत सरकार ने देश में ईंधन की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखा है। पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने, निर्यात पर लेवी बढ़ाने और रिफाइनरियों की क्षमता बढ़ाने जैसे फैसलों से घरेलू कीमतों को बढ़ने से रोका गया है। साथ ही, समुद्र में फंसे भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकालने के प्रयास भी जारी हैं।
 
विज्ञापन
एलपीजी गैस - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दुनिया भर में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी अस्थाई संकट के बीच भारत सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रविवार को कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
विज्ञापन


फुल स्पीड में रिफाइनरियां, स्टॉक भी पर्याप्त- सरकार
मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, देश की सभी तेल रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। सरकार के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। साथ ही, पेट्रोल और डीजल का भंडार भी इतना है कि बाजार में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य उछाल के बावजूद सरकार ने घरेलू बाजार में तेल की कीमतों को स्थिर रखा है।

आम जनता को राहत देने के लिए कर में कटौती!
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल महंगा होने का असर सीधे जनता की जेब पर न पड़े, इसके लिए भारत सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली उत्पाद शुल्क यानी कि एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर दी है। इसके अलावा, घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्यात पर सख्ती बढ़ा दी गई है। 11 अप्रैल 2026 को जारी अधिसूचना के मुताबिक, डीजल के निर्यात पर लेवी बढ़ाकर 55.50 रुपये और हवाई ईंधन पर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Asha Bhosle Family Tree: पिता के निधन के बाद बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ घर संभाला, जानें परिवार के बारे में

रसोई गैस और केरोसिन पर खास ध्यान
सरकार के मुताबिक, आम घरों की जरूरतों को देखते हुए रिफाइनरियों से एलपीजी का उत्पादन बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित कोटे से अलग 48,000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया गया है। दवा, खाद्य वितरण और रसायन जैसे महत्वपूर्ण उद्योगों को भी रोजाना 800 मीट्रिक टन सी3 और सी4 स्ट्रीम की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
विज्ञापन


समुद्र में सुरक्षित हैं भारतीय नाविक
शिपिंग मंत्रालय ने भी बड़ी अपडेट दी है। पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण इलाके में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज के साथ कोई अनहोनी नहीं हुई है। शिपिंग नियंत्रण कक्ष  24 घंटे काम कर रहा है और अब तक 2,084 भारतीय नाविकों को सुरक्षित घर वापस लाया जा चुका है। भारत के सभी बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य है और कहीं भी माल की आवाजाही में रुकावट नहीं है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें