चीन से निकलकर भारत में निवेश का इरादा रखने वाली कंपनियों के लिए केंद्र सरकार अलग से नीति बनाने की तैयारी में है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि चीन से बाहर निकलने वाले उद्योग, निश्चित रूप से भारत की तरफ देख रहे हैं। अब सरकार के लिए उनके साथ कदम मिलाना जरूरी है। मैं इसके लिए नीति तैयार करके उनसे संपर्क करूंगी और उन्हें बताऊंगी कि भारत किस तरह उनके लिए ज्यादा अनुकूल स्थान हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ( IMF ) से भारत का कोटा नहीं बढ़ने से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निराशा व्यक्त की। इस संदर्भ में आईएमएफ की सालाना बैठक को संबोधित करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि, 'कोटा की 15वीं आम समीक्षा के तहत कोटा बढ़ाने के पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाने को भारत निराशाजनक मानता है।'
आगे उन्होंने कहा कि इसे भारत तात्कालिक झटका मानता है और उन्हें उम्मीद है कि अगले दौर की चर्चा में कोटा बढ़ाने के संबंध में भारत को सफलता प्राप्त होगी।
बता दें कि आईएमएफ कोटा उसके कोष का मुख्य सोर्स है और इसका वितरण चार सूत्रीय विधि से किया जाता है। इसमें सदस्य देश की जीडीपी, आर्थिक विविधता और अंतरराष्ट्रीय भंडार पर गौर किया जाता है।
जब कोई देश आईएमएफ का सदस्य बनता है, तो उसके आर्थिक आकार और विशेषताओं वाले अन्य सदस्यों को मिले कोटे के आसपास ही उसे शुरुआती कोटा दिया जाता है। इसकी समीक्षा पांच साल में एक बार होती है। आईएमएफ में भारत का कोटा 2.76 फीसदी है। वहीं चीन और अमेरिका का कोटा क्रमश: 6.41 और 17.46 फीसदी है। आईएमएफ के सदस्य देश को मिला कोटा कोष में उसकी अधिकतम वित्तीय प्रतिबद्धता और वोटिंग पावर जैसी अन्य चीजें तय करता है।