इंडिया रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले देश का चालू खाता घाटा 2013-14 की पहली तिमाही में जीडीपी की तुलना में 4.7 फीसदी के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।
देश का चालू खाता घाटा (कैड) 2022-23 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर अवधि में बढ़कर नौ साल (37 तिमाही) के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है। इस दौरान कैड बढ़कर जीडीपी का 4.4 फीसदी या 36 अरब डॉलर पर पहुंच सकता है। एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा 1.3 फीसदी या 9.7 अरब डॉलर रहा था।
विज्ञापन
इंडिया रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले देश का चालू खाता घाटा 2013-14 की पहली तिमाही में जीडीपी की तुलना में 4.7 फीसदी के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। स्थिर कीमतों पर पिछला उच्चतम स्तर 2012-13 की तीसरी तिमाही में था, जब यह 31.8 अरब डॉलर तक बढ़ गया था। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में कैड 2.8 फीसदी या 23.9 अरब डॉलर रहा था।
एजेंसी ने कहा कि विपरीत वैश्विक परिस्थितियों की वजह से वस्तुओं के निर्यात में फरवरी, 2021 के बाद पहली बार अक्तूबर, 2022 में 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वस्तुओं का निर्यात 2022-23 की तीसरी तिमाही में आठ तिमाहियों के निचले स्तर 88.2 अरब डॉलर तक घट जाएगा। यह आंकड़ा 2021-22 की तीसरी तिमाही के मुकाबले 17.4 फीसदी कम है।
हालांकि, वैश्विक बाजार में कमोडिटी की कीमतें घटने से तीसरी तिमाही में देश को अपना आयात बिल कम करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचेगा व्यापार घाटा
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में देश का आयात घटकर 171.9 अरब डॉलर रह जाएगा। यह तीन तिमाहियों का निचला स्तर होगा। इसके बावजूद आयात सालाना आधार पर 2.9 फीसदी अधिक रहेगा। इससे व्यापार घाटा तीसरी तिमाही में बढ़कर 83.7 अरब डॉलर के नए उच्च स्तर पर पहुंच जाएगा।