ढाई गुना बढ़ी कपड़े-जूते की खपत
उपभोक्ताओं में जूते और कपड़े की खपत सबसे ज्यादा बढ़ी है, जो पिछले एक दशक में 16 फीसदी सालाना रहा है। इसी तरह हेल्थकेयर पर खर्च 14 फीसदी जबकि वित्तीय सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा और आभूषण पर 15 से 19 फीसदी की दर से सालाना बढ़ोतरी दिखी। कुल खुदरा बाजार में ऑनलाइन खुदरा बाजार की हिस्सेदारी 2008 के 0.1 फीसदी से बढ़कर 2018 में 2.8 फीसदी हो गई।
6 लाख करोड़ का होगा ई-कॉमर्स बाजार
उपभोक्ता खर्च में इजाफे का असर ई-कॉमर्स पर भी दिखेगा और तमाम प्रतिबंधों के बावजूद यह बाजार चार वर्षों में साढ़े तीन गुना बढ़ जाएगा। भारतीय खुदरा संगठन का कहना है कि वर्ष 2021 तक ई-कॉमर्स बाजार 84 अरब डॉलर (5.96 लाख करोड़ रुपये) का हो जाएगा, जो 2017 में 1.70 लाख करोड़ रुपये का था। इस दौरान इंटरनेट का विस्तार बढ़ने से कई और अंतरराष्ट्रीय रिटेलर्स भारत में अपना व्यापार शुरू करने आएंगे।