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बड़ी कार्रवाई: यूनिकॉर्न ग्रुप पर आयकर विभाग की छापेमारी, 224 करोड़ रुपये की अघोषित आय का लगाया पता

Sun, 20 Mar 2022 11:07 PM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, नई दिल्ली

सार

यूनिकॉर्न स्टार्ट-अप समूह थोक और खुदरा व्यापार में अग्रणी है और 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक कारोबार करता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने रविवार को कहा कि आयकर विभाग ने हाल ही में महाराष्ट्र के पुणे और ठाणे स्थित एक यूनिकॉर्न स्टार्ट-अप समूह पर छापेमारी के बाद लगभग 224 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया है। 9 मार्च को महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में 23 परिसरों में तलाशी ली गई। 

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समूह ने फर्जी खरीदारी की: आयकर विभाग
छापेमारी के दौरान एक करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी और 22 लाख रुपये के आभूषण भी जब्त किए गए हैं। इस मामले पर आयकर विभाग ने बयान देते हुए कहा है कि समूह ने फर्जी खरीदारी की, भारी बेहिसाब नकद खर्च किया और 400 करोड़ रुपये से अधिक की आवास प्रविष्टियां प्राप्त कीं। सीबीडीटी ने दावा किया कि इन सबूतों का समूह के निदेशकों से सामना किया गया, जिन्होंने बयान के तहत इस कार्यप्रणाली को स्वीकार किया। सीबीडीटी ने कहा कि विभिन्न मूल्यांकन वर्षों में 224 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त आय का खुलासा भी हुआ है।

समूह ने मॉरीशस मार्ग के माध्यम से भारी विदेशी धन प्राप्त किया: सीबीडीटी
सीबीडीटी ने कहा कि समूह ने अत्यधिक उच्च प्रीमियम पर शेयर जारी करके, मॉरीशस मार्ग के माध्यम से भारी विदेशी धन प्राप्त किया। सीबीडीटी ने कहा कि मुंबई और ठाणे की कुछ मुखौटा कंपनियों के 'जटिल' हवाला नेटवर्क का भी पता चला है।   
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