हवाई यात्रा के दौरान आपको डाटा और वॉइस की सुविधा का इस्तेमाल करने का मौका आगामी फरवरी से मिलेगा। चार कंपनियों ने इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी सेवाएं मुहैया कराने के लिए दूरसंचार विभाग में आवेदन किया है।
दूरसंचार मंत्रालय ने इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी के मसले सुलझाने के लिए एक समिति का गठन भी किया है। यह समिति इन फ्लाइट कनेक्टिविटी के क्रियान्वयन में विभिन्न स्तरों पर मदद करेगी। इससे पहले सुरक्षा को ध्यान में रखकर विभाग समेत दूरसंचार आयोग ने यह सेवा मुहैया कराने में देसी सेटेलाइट का उपयोग करने को कहा है।
जो ट्राई की सेवा के मुहैया कराने में विदेशी सेटेलाइट और गेटवे के इस्तेमाल की सिफारिश के खिलाफ है। साथ ही विमान के समुद्र और जमीन से निर्धारित ऊंचाई 3,000 मीटर से ऊपर पहुंचने पर सेवा शुरू की जाएगी।
करीब 30 विदेशी विमानन कंपनियां भारतीय हवाई सीमा से इतर कई देशों में इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी मुहैया कराती हैं। इनमें एयर एशिया, एयर फ्रांस, ब्रिटिश एयरवेज समेत अन्य विमानन कंपनियां हैं। मौजूदा समय भारतीय हवाई क्षेत्र के संबंध में स्पष्ट दिशानिर्देश और क्रियान्वयन नियम नहीं होने की वजह से यह सेवाएं बंद हो जाती हैं। विभाग का कहना है कि एयरलाइंस कंपनियों को आय का नया जरिया मिलेगा।