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IMF: आईएमएफ पाकिस्तान में नई सरकार के साथ काम करने को तैयार, इमरान खान की मांग पर साधी चुप्पी

Fri, 23 Feb 2024 08:29 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

IMF: आईएमएफ के संचार विभाग की प्रमुख जूली कोजैक ने कहा है कि हम पाकिस्तान के सभी नागरिकों की समृद्धि और व्यापक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने की नीतियों पर नई सरकार के साथ काम करने के लिए तत्पर हैं।
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IMF Pakistan - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की इस मांग पर चुप्पी साधते हुए कहा है कि वह नई सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार है। इमरान खान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से मांग की थी कि नकदी की तंगी से जूझ रहे देश के लिए किसी नए ऋण की मंजूरी देने से पहले उसे पहले चुनाव परिणामों का 'ऑडिट' कराना चाहिए।

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किस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक खान ने गुरुवार को कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) को पत्र लिखकर मांग करेंगे कि वाशिंगटन स्थित संस्था पाकिस्तान को अपना समर्थन देना बंद कर दे। पाकिस्तान में उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ''चुराए हुए जनादेश'' के साथ गठबंधन सरकार बनाने के कगार पर हैं।

71 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री का जेल से संदेश बैरिस्टर अली जफर के माध्यम से पहुंचा, जिन्होंने उनसे रावलपिंडी की अदियाला जेल में मुलाकात की, जहां वह भ्रष्टाचार और अन्य मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद पिछले साल से कैद हैं।
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आईएमएफ के संचार विभाग की प्रमुख जूली कोजैक ने देश में आठ फरवरी के चुनाव के नतीजों पर जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री खान के मांग पर चुप्पी साधते हुए कहा कि आईएमएफ पाकिस्तान की नई सरकार के साथ देश के लिए व्यापक आर्थिक स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने की नीतियों पर बातचीत करने को लेकर उत्सुक है।

गुरुवार को वाशिंगटन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, "हम पाकिस्तान के सभी नागरिकों की समृद्धि और व्यापक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने की नीतियों पर नई सरकार के साथ काम करने के लिए तत्पर हैं।" पाकिस्तान के वित्तीय हालात के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान सरकार ने आर्थिक स्थिरता बनाए रखी थी।

उन्होंने कहा, "यह सामाजिक सुरक्षा नेट की रक्षा करते हुए राजकोषीय लक्ष्यों के सख्त पालन के माध्यम से किया गया है। यह मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और विदेशी मुद्रा भंडार का निर्माण जारी रखने के लिए एक सख्त मौद्रिक नीति रुख बनाए रखने के द्वारा किया गया है।"

खान के संभावित पत्र के बारे में जब खास तौर पर टिप्पणी करने को कहा गया तो उन्होंने कहा, "मैं मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिप्पणी नहीं करने वाली. इसलिए, मैंने अभी जो कहा उसमें जोड़ने के लिए मेरे पास कुछ और नहीं है।

खान ने गुरुवार को कहा था कि वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) को पत्र लिखकर नकदी संकट से जूझ रहे इस देश को तब तक समर्थन देना बंद करने की मांग करेंगे जब तक कि वह मतदान में धांधली सहित विवादों में फंसे चुनावों का 'ऑडिट' नहीं करा ले। जफर ने गुरुवार को कहा कि आईएमएफ, यूरोपीय संघ और अन्य संगठनों के पास एक चार्टर था जिसमें कहा गया था कि देश में काम करने या ऋण देने के लिए सुशासन की आवश्यकता है।

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