अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती का एक और बड़ा संकेत मिला है। अगस्त माह में औद्योगिक उत्पादन 1.1 फीसदी गिर गया। इस दौरान मैन्यूफैक्चरिंग, बिजली उत्पादन और खनन सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली। फरवरी 2013 के बाद यह औद्योगिक उत्पादन में सबसे बड़ी गिरावट कही जा रही है।
वहीं एक साल पहले समान महीने यानी अगस्त, 2019 में आईआईपी में 4.8 फीसदी की बढ़ोतरी रही थी।
आईआईपी में 77 फीसदी का योगदान करने वाले विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादन में 1.2 फीसदी की कमी दर्ज की गई, जबकि बीते साल समान महीने में 5.2 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई थी। वहीं बिजली उत्पादन में 0.9 फीसदी की कमी दर्ज की गई, जबकि अगस्त, 2018 में 7.6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली थी। खनन क्षेत्र की वृद्धि दर सपाट 0.1 फीसदी ही रही।
अप्रैल-अगस्त तक की अवधि पर गौर करें तो इस दौरान आईआईपी में 2.4 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जो बीते साल समान अवधि में रही 5.3 फीसदी से खासी कम थी।