इकोनॉमिक सुस्ती का एक और संकेत मिल गया है। जून 2019 में औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) की ग्रोथ घट गई। जून 2019 में आईआईपी की ग्रोथ घटकर दो फीसदी रही जो मई 2019 में 3.1 फीसदी थी। यह तीन माह का सबसे निचला स्तर है। इससे लग रहा है कि देश एक बार फिर से मंदी की तरफ बढ़ रहा है, जिसको खत्म करने के लिए सरकार को काफी काम करना होगा।
बिजली उत्पादन क्षेत्र की वृद्धि दर भी 8.50 फीसदी से घटकर 8.20 फीसदी पर आ गई। खनन क्षेत्र की वृद्धि दर 6.50 फीसदी से कम होकर 1.60 फीसदी रह गई।
जून में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ सिर्फ 1.2 फीसदी रही। इससे एक महीना पहले मैन्युफैक्चरिंग की ग्रोथ 2.5 फीसदी थी।इस दौरान माइनिंग ग्रोथ 1.6 फीसदी रही। एक महीना पहले मई 2019 में माइनिंग ग्रोथ 3.2 फीसदी थी। जून 2019 में इलेक्ट्रिसिटी की ग्रोथ में बढ़ोतरी देखने को मिली है। जून में यह ग्रोथ 8.2 फीसदी रही दो मई में 7.4 फीसदी थी।
हालांकि इस दौरान प्राइमरी गुड्स की ग्रोथ में काफी गिरावट रही है। जून 2019 में इसकी ग्रोथ सिर्फ 0.5 फीसदी रही जो मई 2019 में 2.5 फीसदी थी।