भारतीय सीमेंट उद्योग के लिए आने वाला समय उत्साहजनक नजर आ रहा है। रेटिंग एजेंसी इक्रा (ICRA) की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, आवास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से निकल रही मजबूत मांग के दम पर अगले वित्त वर्ष (2026-27) में सीमेंट सेक्टर की वृद्धि दर स्थिर बनी रहेगी।
एजेंसी ने अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2027 में उद्योग 6 से 7 प्रतिशत की दर से बढ़ सकता है, जबकि चालू वित्त वर्ष (2026) में यह वृद्धि 6.5 से 7.5 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है।
रिपोर्ट में मांग बढ़ने के पीछे दो प्रमुख कारण बताए गए हैं। पहला, सरकार द्वारा तैयार सीमेंट पर वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करना एक बड़ा कदम साबित हुआ है। दूसरा, बुनियादी ढांचे पर सरकार का लगातार बढ़ता पूंजीगत खर्च। इन दोनों कारकों से वित्त वर्ष 2026 और 2027 में खपत में तेजी आने की पूरी उम्मीद है।
इकरा ने बताया कि मानसून के बाद निर्माण गतिविधियों में आई तेजी से वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में मांग में क्रमिक सुधार देखने को मिल रहा है। सीमेंट उद्योग में 90 मिलियन टन नई क्षमता जुड़ने के आसार हैं। मजबूत मांग को देखते हुए देश की प्रमुख सीमेंट कंपनियां अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए आक्रामक रूप से विस्तार कर रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 और 2027 के दौरान कुल 85-90 मिलियन मीट्रिक टन नई उत्पादन क्षमता जुड़ने की उम्मीद है। इसमें वित्त वर्ष 2026 में 43-45 MMT और वित्त वर्ष 2027 में 42-44 एमएमटी क्षमता जोड़ी जाएगी। एजेंसी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में सीमेंट कंपनियों का परिचालन लाभ 880-930 रुपये प्रति मीट्रिक टन रह सकता है। वहीं, क्षमता उपयोग के 70-71 प्रतिशत के स्तर पर स्थिर रहने की संभावना है।