कुछ ही दिनों में दिखने लगेगा असर
व्हाइट हाउस की पूर्व बजट अधिकारी रेचल स्नाइडरमैन ने कहा कि सरकार जिस तरह से पैसे खर्च करती है, वह हमारे देश की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। शटडाउन से देशभर में सिर्फ आर्थिक नुकसान, डर और भ्रम पैदा होता है। आर्थिक संकट का असर पूरे देश में फैलने की आशंका है। कुछ ही दिनों में आर्थिक झटके महसूस हो सकते हैं।
गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषण के अनुसार, जहां पिछली बार सरकारी कामकाज बंद होने के दौरान वित्तीय बाजार आम तौर पर स्थिर रहे थे, इस बार स्थिति कुछ अलग हो सकती है, क्योंकि व्यापक स्तर की बातचीत के कोई संकेत नहीं हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शटडाउन जितना लंबा चलेगा, उसका दुष्प्रभाव उतना ही ज्यादा होगा। शटडाउन लंबा चला तो बाजारों पर असर दिख सकता है, अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
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पिछले 50 वर्षों में शटडाउन आम हुआ
अमेरिका में पिछले 50 वर्षों में शटडाउन आम बात हो गई है। खर्च बिल अटकने की वजह से 20 बार शटडाउन हो चुका है। ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान तीन बार ऐसा हुआ था। इनमें इतिहास का सबसे लंबा 35 दिनों का शटडाउन भी शामिल है, जो दिसंबर 2018 को लगा था और जनवरी 2019 में खत्म हुआ था।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू
इस बीच रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। डेमोक्रेट्स हेल्थ केयर सब्सिडी बढ़ाने की मांग कर रहे थे लेकिन रिपब्लिकन ने इन्कार कर दिया। रिपब्लिकन को डर था कि अगर सब्सिडी बढ़ाई गई तो सरकारी काम प्रभावित होंगे।