शहद की परिभाषा भी तय की गई है। इसके मुताबिक यह मधुमक्खी द्वारा तैयार किया जाने वाला एक प्राकृतिक मीठा पदार्थ है। जिसे वह फूलों और पौधों के रस से इकट्ठा करती है, उसकी प्रकृति में बदलाव करती है और उसे पकने के लिए मधुछत्ते में सुरक्षित रखती है। यदि कोई उत्पाद शहद के नाम से बेचा जाता है, तो किसी भी प्रकार की मिलावट इसमें नहीं होनी चाहिए। इसे इतना गर्म या प्रसंस्कृत नहीं किया जाए कि इसकी संरचना में बदलाव हो जाए और गुण प्रभावित हो जाए।
शहद उत्पादन को सरकार से मिल रहा है बढ़ावा
सरकार मिशन ऑफ इंटिग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टीकल्चर (एमआईडीएच) के जरिए शहद उत्पादन को बढ़ावा दे रही है और वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन के विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड का गठन किया गया है।
पांच लाख को मिला हुआ है रोजगार
देश में शहद संबंधी कारोबार में करीब पांच लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है और करीब 90,000 टन शहद का उत्पादन हर साल होता है।