रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए आरबीआई मई, 2022 से अब तक छह बार में रेपो दर में 2.50 फीसदी की बढ़ोतरी कर चुका है। केंद्रीय बैंक के इस कदम के बाद बैंकों ने भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। इससे होम लोन समेत सभी तरह के कर्ज महंगे हो गए हैं, जिससे कर्ज लेने वालों पर मासिक किस्त (ईएमआई) का बोझ बढ़ गया है।
| ब्याज दर | ईएमआई | बढ़ी किस्त | ब्याज | कुल रकम |
| 7% (मई से पूर्व) | 44,941 | -- | 30.89 | 80.89 |
| 7.40% | 46,067 | 1,126 | 32.92 | 82.92 |
| 7.90% | 47,494 | 2,553 | 35.49 | 85.49 |
| 8.40% | 48,944 | 4,003 | 38.10 | 88.10 |
| 8.90% | 50,416 | 5,475 | 40.75 | 90.75 |
| 9.25% | 51,460 | 6,519 | 42.63 | 92.63 |
| 9.50% | 52,211 | 7,270 | 43.44 | 93.98 |
| ब्याज दर | ईएमआई | बढ़ी अवधि | ब्याज | कुल रकम |
| 7%(मई से पूर्व) | 44,941 | 180 | 30.89 | 80.89 |
| 7.40% | 44,941 | 188 | 34.60 | 84.60 |
| 7.90% | 44,941 | 201 | 40.32 | 90.32 |
| 8.40% | 44,941 | 216 | 47.13 | 97.13 |
| 8.90% | 44,941 | 236 | 56.06 | 106.06 |
| 9.25% | 44,941 | 254 | 64.13 | 114.13 |
| 9.50% | 44,941 | 270 | 71.30 | 121.30 |
| (कुल कर्ज : 50 लाख रुपये 15 साल की अवधि के लिए, मासिक किस्त : रुपये में, ब्याज-रकम : लाख रुपये में, बढ़ी अवधि : माह में) | ||||
अगर कोई कर्जधारक बढ़ती ब्याज दरों के बीच अपने कर्ज का पूर्व भुगतान करता है तो वह पूरी कर्ज अवधि के दौरान बड़ी रकम बचा सकता है। पूर्व भुगतान का विकल्प चुनने से कर्ज भुगतान की अवधि या किस्त कम करा सकते हैं।
आखिरी विकल्प हो तभी बढ़वाएं अवधि
ब्याज दरें बढ़ने के साथ ग्राहकों पर ईएमआई का बोझ बढ़ता है। आमतौर पर बैंक ग्राहकों को कर्ज अवधि बढ़ाने का विकल्प देते हैं। इसका तत्काल प्रभाव तो नहीं दिखता, लेकिन कर्ज भुगतान की अवधि बढ़ने से ब्याज काफी बढ़ जाता है। इसलिए, बढ़ी ईएमआई चुकाने में सक्षम हों तो अवधि न बढ़वाएं। आखिरी विकल्प होने पर ही कर्ज अवधि बढ़वाने का विकल्प चुनें। -अश्विनी राणा, संस्थापक वॉइस ऑफ बैंकिंग